केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा ओटीटी प्लेटफार्म पर अश्लील कंटेट परोसने पर लिया गया सख्त निर्णय जनहित का तो है ही इससे केंद्र सरकार की छवि में भी सुधार होगा। बीते मंगलवार को सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम २०२१ की धारा ६९ ए के तहत कार्रवाई करते हुए जो सरकार को विभिन्न कारणों से ऑनलाइन कंटेट को ब्लॉक करने का अधिकार देती है के तहत कार्रवाई करते हुए कोयल , डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू नाम के पांच ओटीटी प्लेटफार्म को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। सरकार द्वारा अश्लीलता विरोधी कानून के तहत इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को ओटीटो प्लेटफार्म को ब्लॉक करने का निर्देश दिया। जिससे सार्वजनिक शालीनता बताए रखने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके। डिजिटल प्लेटफार्म पर नैतिक पत्रकारिता और प्रथाओं को बनाए रखा जा सके।
बताते चलेें कि पिछले कुछ सालों से देशभर में ओटीटी प्लेटफार्म कई बिंदुओं का लाभ उठाकर अश्लीलता हिंसा और रिश्तों में बिखराव का कंटेट जो परोस रहे थे उससे समाज में काफी कुरीतियां पनपी है। मैं यह कहने में कोई हर्ज महसूस नहीं कर रहा हूं कि रिश्तों की हत्या और आंखों की बेशर्मी बढ़ी है उसके लिए ऐसे ही ओटीटी प्लेटफार्म जिम्मेदार थे। सरकार को इन पांचों के साथ साथ अन्यों को भी ढूंढकर जो गैंग ऑफ वासेपुर जैसे अन्य ओटीटी प्लेटफार्म प्रोग्राम परोस रहे हैं उन पर प्रतिबंध लगाकर इस बात का ध्यान रखा जाए कि कुछ अभिनेत्री जो अभिनय के नाम पर बिना शादी के संभोग की व्यवस्थाएं परोस रही है उससे युवा पीढ़ी क्या सीखेगी और कॉलेजों पर बन नही वेब सीरीज हमें क्या मार्ग दिखा रही है इन सब पर भी सेंसर बोर्ड को भी बिना किसी भेदभाव समाजहित में कार्रवाई की जाए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- सर से सरके चुनर व टटीरी गाने को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग का एक्शन सही, फिल्म सेंसर बोर्ड अश्लीलता फैलाने वालों को सम्मान और पुरस्कार से रखा जाये दूर
- जयंत चौधरी को मिली धमकी समर्थक हैं चिंतित, पूर्ण सुरक्षा की उठाई मांग, सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए ने भी पूर्ण सुरक्षा की मांग की
- सट्टेबाजी सिंडिकेट पर सरकार सख्त, 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट्स-एप ब्लॉक किए
- मुजफ्फरनगर में गौशाला के नाम पर 28 लाख की ठगी, 24 घंटे में 7 आरोपी गिरफ्तार; 22 लाख नकद बरामद
- गुजरात में 2.38 करोड़ रुपये के जाली नोटों के साथ सात लोग गिरफ्तार
- मेरठ-पौड़ी हाईवे और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने को प्रस्ताव तैयार, 16 गांवों की भूमि का चयन
- पांवधोई नदी में दूषित पानी से सैकड़ों मछलियां मरीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच को भेजे पानी के नमूने
- यूपी को 4 साल बाद मिलेगा स्थायी DGP, IPS राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे
