Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • घर में बना रहा था हाईस्कूल पास युवक नकली कफ सिरप, गिरफ्तार
    • अखिलेश यादव ने सांसदों को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अभी से दिन-रात मेहनत करने को कहा
    • सादगी और संस्कारों को बढ़ावा देने को साहू समाज का प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध
    • शिकंजा : बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी की 100 करोड़ की जमीन सरकारी घोषित, नीलामी की हरी झंडी
    • पतंजलि गुरुकुलम् देवप्रयाग संस्कृत और सनातन के गौरव के रूप में उभर रहा है
    • लावारिस कुत्तों को खिलाने पर जवाबदेही तय होगी: सुप्रीम कोर्ट
    • दूध-संतरे को भी मात दे रही है केल की सब्जीे
    • अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में साधु संत ढूंढे समाधान
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»न्यूज़»शिकंजा : बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी की 100 करोड़ की जमीन सरकारी घोषित, नीलामी की हरी झंडी
    न्यूज़

    शिकंजा : बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी की 100 करोड़ की जमीन सरकारी घोषित, नीलामी की हरी झंडी

    adminBy adminJanuary 21, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    लखनऊ, 21 जनवरी। जौनपुर से सपा सांसद एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी देशराज सिंह की कानपुर रोड स्थित 100 करोड़ रुपये कीमत की भूमि अब सरकारी हो गई है। इसे आयकर विभाग ने मार्च, 2023 में बेनामी संपत्ति निषेध अधिनियम के तहत जब्त किया था। विभाग के आदेश को नई दिल्ली स्थित निर्णायक प्राधिकारी ने सही पाया है। अब आयकर विभाग इस संपत्ति को अपने कब्जे में लेने के बाद नीलाम कर सकता है।
    आयकर विभाग को इस संपत्ति के बारे में देशराज सिंह के कानपुर स्थित आवास पर मई, 2022 में मारे गए छापे के दौरान सुराग मिला था। यह छापा आयकर विभाग के राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स की बेनामी संपत्तियों का पता लगाने वाले श्ऑपरेशन बाबू साहब-2श् अभियान के तहत मारा गया था। जांच में सामने आया था कि पहले यह संपत्ति एक कंपनी के नाम थी, जिसे बाद में बाबू सिंह के करीबी देशराज को कागजों पर बेचा गया था। जबकि संपत्ति पर कब्जा बाबू सिंह का ही पाया गया था। बंथरा इलाके के जुनाबगंज स्थित पांच सितारा होटल के सामने 1.6670 हेक्टेयर भूमि की इस जमीन की खरीद-फरोख्त फर्जी तरीके से की गई थी। कागज में दिखावे मात्र के लिए चेक नंबरों का जिक्र किया गया था।
    दरअसल, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आयकर विभाग ने सरोजनीनगर में उद्यमिता विकास संस्थान के निदेशक देवेंद्र पाल की कार से 30 लाख रुपये की नकदी बरामद की थी। इसके बाद लखनऊ, दिल्ली व गाजियाबाद में कई ठिकानों पर छापे में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के दो करीबियों कानपुर के राजू चौहान व देशराज सिंह कुशवाहा के बारे में पता चलाए जो प्रॉपर्टी डीलर थे। उनके ठिकानों से तमाम बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। जांच में पता चला कि उपायुक्त उद्योग राजेश सिंह यादव की मां विमला यादव की समिति ने राजू चौहान और देशराज सिंह को 12-12 बीघा जमीन बेची थी। इस 24 बीघा जमीन की बिक्री मात्र 3.6 करोड़ रुपये में दिखाई गई, जबकि बाजार मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये था। समिति ने अलग-अलग जगह करीब 150 बीघा जमीन खरीदी गई थी। वर्ष 2020-21 में समिति ने राजू चौहान और देशराज सिंह कुशवाहा को 12-12 बीघा जमीन बेची थी।
    बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय भी बाबू सिंह कुशवाहा की करीब 100 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को अब तक जब्त कर चुका है। ये कार्रवाई एनआरएचएम घोटाले के तहत की गई है। बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा घोटाले के आरोप में करीब 4 साल जेल में रह चुके हैं। बाहर आने के बाद उन्होंने जन अधिकार मंच नाम से पार्टी बनाई थी। बीते लोकसभा चुनाव में सपा ने उनको जौनपुर से प्रत्याशी बनाया था, जिसके बाद वह सांसद चुने गए थे।
    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उपायुक्त उद्योग राजेश सिंह यादव की मां विमला यादव से जुड़ी एक समिति ने राजू चौहान और देशराज सिंह को 12-12 बीघा जमीन बेची थी। कागजों में इस 24 बीघा जमीन की कीमत केवल 3.6 करोड़ रुपये दर्शाई गई, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई थी।इतना ही नहीं, इसी समिति के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर लगभग 150 बीघा जमीन की खरीद-बिक्री के तथ्य भी सामने आए।
    पहले भी हो चुकी है 100 करोड़ की जब्ती
    गौरतलब है कि बाबू सिंह कुशवाहा से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय पहले ही करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुका है। यह कार्रवाई बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले के तहत की गई थी।बसपा सरकार के दौरान मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा को इस मामले में करीब चार साल जेल में रहना पड़ा था। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने ‘जन अधिकार मंच’ नाम से राजनीतिक दल बनाया। बीते लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उन्हें जौनपुर से उम्मीदवार बनाया, जहां से वे सांसद निर्वाचित हुए।आयकर विभाग के ताजा फैसले के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े अन्य लेन-देन और संपत्तियों की भी गहन जांच हो सकती है।

    Babu Singh Kushwaha Lucknow/Jonpur tazza khabar tazza khabar in hindi The noose tightens Uttar Pradesh
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    घर में बना रहा था हाईस्कूल पास युवक नकली कफ सिरप, गिरफ्तार

    January 21, 2026

    अखिलेश यादव ने सांसदों को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अभी से दिन-रात मेहनत करने को कहा

    January 21, 2026

    सादगी और संस्कारों को बढ़ावा देने को साहू समाज का प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध

    January 21, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.