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    Home»देश»‘कोरोना टीके के दुष्प्रभावों पर मुआवजा नीति बने’
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    ‘कोरोना टीके के दुष्प्रभावों पर मुआवजा नीति बने’

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMarch 11, 2026No Comments7 Views
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    नई दिल्ली 11 मार्च। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से कोविड-19 रोधी टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों के लिए ‘बिना किसी गलती के मुआवजा नीति’ तैयार करने को कहा है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मुआवजा नीति तैयार करना, केंद्र या किसी अन्य प्राधिकरण की किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी या गलती को स्वीकार करना नहीं माना जाएगा।

    जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा कि टीकाकरण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी के लिए मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। दुष्प्रभाव के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए अलग विशेषज्ञ निकाय की जरूरत नहीं है।

    पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका यह निर्णय किसी व्यक्ति को कानून में उपलब्ध अन्य उपायों का सहारा लेने से रोकता नहीं है.

    बेंच ने कहा, ‘इसी तरह दोष निर्धारण के बैगर मुआवजा देने की नीति तैयार करना, भारत सरकार या किसी अन्य प्राधिकरण की ओर से किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी या गलती को स्वीकार करना नहीं माना जाएगा.’

    सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं पर यह व्यवस्था दी, जिनमें से एक में आरोप लगाया गया था कि 2021 में कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक लेने के बाद दो महिलाओं की मृत्यु हो गई थी. याचिका में यह भी दावा किया गया कि टीकाकरण के बाद दोनों को गंभीर दुष्प्रभाव प्रभाव झेलने पड़े. बता दें कि साल 2020-21 में कोरोना का कहर आया था. इस कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा था. शुरुआत इसकी चीन के वुहान शहर से हुई थी. इसके कारण भारत समेत दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन लगा था.

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