देहरादून, 13 फरवरी। एक कहावत है कि पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती, पर देहरादून में हुए एक मर्डर ने इस कहावत को भी झूठा साबित कर दिया है। संपत्ति विवाद के चलते एक मां ने अपने ही बेटे की मौत 12 लाख रुपये में सुपारी दे दी। हत्यारोपियों ने तीन लाख रुपये एडवांस लेकर युवक को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मामले के मास्टरमाइंड तक पहुंच गई और मृतक की मां बीना शर्मा सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
देहरादून के कोतवाली डालनवाला क्षेत्र में तिब्बती बाजार के पास गत दिवस एक व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा निवासी इंदिरा नगर, थाना बसंत विहार देहरादून के रूप में हुई थी। जो जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी थे। इस घटना को लेकर अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी सास बीना शर्मा, उनके परिचित विनोद उनियाल, संगीता उनियाल पत्नी विनोद उनियाल, एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अजय खन्ना के साथ विवाद के बारे में जानकारी दी।
शहीद कर्नल की पत्नी ने ही दो अन्य लोगों के साथ मिलकर बेटे की शूटरों से हत्या करवा डाली। घटना से पूरे राज्य में सननसनी फैल गई थी। एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया था। शार्प शूटरों और अन्य आरोपियों की धरपकड़ के दौरान लालतप्पड़ क्षेत्र में मुठभेड़ हुई। दो अलग-अलग स्थानों पर हुईं मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने शूटर पंकज राणा निवासी इंदिरा कॉलोनी चुक्खुवाला और उसके भाई राजीव उर्फ राजू को दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ही शूटरों के पैरों में गोलियां भी लगीं। दोनों शूटरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मृतक की मां, डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के खुलासे से लोग हैरान हैं।
अर्जुन की हत्या के लिए उसकी मां बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने दोनों शूटरों को सुपारी दी थी। शूटर अर्जुन की मौत का सौदा 15 लाख में करने पर अड़े हुए थे, लेकिन बाद में ये डील 12 लाख रुपये में तय हो गई थी। अर्जुन की मां बीना, विनोद उनियाल और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय खन्ना को गिरफ्तार किया। शूटर पंकज विनोद उनियाल का ड्राइवर है। मां ने शूटरों को अर्जुन की लोकशन भी भेजी थी। इसके लिए मां ने अर्जुन की गैस एजेंसी के कर्मचारियों से उसकी लोकेशन पूछी थी। उसके बाद शूटरों को मौके पर भेज अर्जुन की हत्या करवा दी गई थी।
अर्जुन हत्याकांड के पीछे सबसे बड़ी वजह जीएमएस रोड पर करीब 14 करोड़ की जमीन बनी। विवाद की आग तब भड़की जब विनोद के इशारे पर बीना ने जीएमएस रोड की करोड़ों की जमीन डॉ. अजय खन्ना को बेच दी। अर्जुन को इस सौदे की भनक लगी तो उसने रोड़ा अटका दिया। जमीन पर चार करोड़ का कर्ज था। बीना ने गुपचुप तरीके से डॉ. खन्ना से पैसे लेकर लोन चुकाया और 14 करोड़ में रजिस्ट्री कर डाली। हैरत की बात यह थी कि इस रकम में से आठ करोड़ रुपये अगले ही दिन बीना ने विनोद उनियाल के खाते में डाल दिए थे। सौदे में एक खतरनाक शर्त थी कि अगर कब्जा नहीं मिला, तो डॉ. खन्ना को दोगुनी रकम लौटानी होगी। अर्जुन ने कोर्ट से स्टे ले लिया। अब न कब्जा मिल सकता था, न पैसे वापस थे। आरोपी 28 करोड़ के भारी-भरकम बोझ के नीचे दबने लगे। जब अर्जुन ने स्टे हटाने और पैसे देने से इनकार कर दिया, तो मां की ममता पर लालच की छाया आन पड़ी। बीना, विनोद और डॉ. खन्ना ने सुपारी किलर बुलाकर अर्जुन को मौत के घाट उतरवा दिया।
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