Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • सही है नीतीश कुमार का निर्णय, वह राज्यसभा में रहकर बिहार के अधिकारों का संरक्षण करेंगे, बेटा सीखेगा राजनीति के दावपेच
    • नीतीश जाएंगे राज्यसभा, बिहार में सीएम पद पर सस्पेंस
    • मृत्यु भोज पर खर्च होने वाले पैसे से स्कूलों की सुधारी जा रही है स्थिति, राजस्थान के सवाईमाधोपुर के नागरिक हैं बधाई के पात्र
    • देश में भाईचारा और सदभाव के बीच संपन्न हुई होली, पीएम, सीएम पुलिस प्रशासन के साथ ही देश के नागरिक हैं बधाई के पात्र
    • घर बैठे इंटरनेट से मतदान हींग लगे ना फिटकरी रंग चोखा होए
    • कानूनी शिकंजा डीपफेक पर : एआई लेबल और 3 घंटे में हटाना होगा गलत कंटेंट
    • सिर्फ 4 लाख खर्च कर मारुति 800 को बना डाला लेम्बोर्गिनी
    • अनुभव सिन्हा ने दीपिका पादुकोण का किया समर्थन
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»मृत्यु भोज पर खर्च होने वाले पैसे से स्कूलों की सुधारी जा रही है स्थिति, राजस्थान के सवाईमाधोपुर के नागरिक हैं बधाई के पात्र
    देश

    मृत्यु भोज पर खर्च होने वाले पैसे से स्कूलों की सुधारी जा रही है स्थिति, राजस्थान के सवाईमाधोपुर के नागरिक हैं बधाई के पात्र

    adminBy adminMarch 5, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    एक जमाने में मां बाप या परिजन की मृत्यु के बाद उनकी तेहरवीं को लेकर जो होड़ मचती थी कि उसने तेहरवीं में इतने व्यंजन परोसे मैं उससे ज्यादा करुं। कोई ऐसा ना करते तो रिश्तेदार पड़ोसी ऐसा होने नहीं देते थे क्योंकि नाक का सवाल उठा दिया जाता था। इस चक्कर में कई परिवार आर्थिक रुप से कमजोर हो जाते थे और अपनी जमीन जायदाद बेचने की नौबत आती थी क्योंकि तेहरवीं में बढ़िया पकवान खिलाना मजबूरी थी।
    अब इसे जागरुकता कहे या ऐसे आयोजनों के विरोधियों द्वारा किए गए प्रचार और यह समझाने की जो चला गया उसके कारण हम किसी परेशानी में पड़े इसका असर भी अब होता नजर आ रहा है। क्योंकि मीडिया में खबरें मिलती है कि मुस्लिम समाज ने ऐसे अवसरों पर भोज शादी विवाह में बैंण्ड बजाने और डांस आदि करने पर प्रतिबंध लगाया। ऐसे समाचार भी खूब मिलते हैं कि जाट गुर्जर त्यागी और वैश्य बिरादरी के लोगों ने ब्रहमभोज जैसे अवसर पर दिखावा ना करने का निर्णय लिया। ऐसी खबरें पढ़कर आम आदमी में सकारात्मक सोच पैर पसार रही है। सब कुछ सही चला तो यह जबरदस्ती के भोज समाप्त नहीं तो कम जरुर हो जाएंगे।
    राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में नागरिकों ने मृत्युभोज के पैसों से राजस्थान के ८३० सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी। यहां मृत्युभोज जैसी प्रथा कम होने से सहयोग राशि के रुप में चार साल में ३७.४९ करोड़ रुपये से अधिक धन इकटठा हुआ। जिनसे सरकारी स्कूलों में नए कमरे शौचालय फर्नीचर, खेल सुविधाएं विकसित हुई जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि और कुरीतियां दूर करने के मामले में एक प्रेरणास्त्रोत पहल कही जा सकती है। मेरा मानना है कि अब हर नागरिक सोचे कि हमें बच्चों का भविष्य सुधारना है। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करती है और यह जो दिखावे या मन को शांत करने के लिए हम खर्च करते हैं उसे गरीब और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति सुधारने और आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराने का काम करे तो मुझे लगता है कि जो शांति और सम्मान हमें बड़ी धनराशि के खर्च होने के बाद भी नहीं मिल पाता है वो इससे मिलने लगेगा और कभी कभी पढ़ने को मिलता है कि किसी से अच्छा काम किया जो सरकार ने उसे पुरस्कृत किया और राजनीतिक दलों ने ऐसे लोगों को अपनी पार्टी से विधायक और मंत्री बनाया। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि अच्छे काम का अच्छा नतीजा और प्रतिष्ठा व मन की शांति प्राप्त होगी।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    सही है नीतीश कुमार का निर्णय, वह राज्यसभा में रहकर बिहार के अधिकारों का संरक्षण करेंगे, बेटा सीखेगा राजनीति के दावपेच

    March 5, 2026

    नीतीश जाएंगे राज्यसभा, बिहार में सीएम पद पर सस्पेंस

    March 5, 2026

    देश में भाईचारा और सदभाव के बीच संपन्न हुई होली, पीएम, सीएम पुलिस प्रशासन के साथ ही देश के नागरिक हैं बधाई के पात्र

    March 5, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.