Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार रैली में जाने के लिए अलग से चलाना शुरू करें ट्रेन
    • पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाला ठग निकला होमगार्ड, आरोपी साथी गिरफ्तार
    • अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है
    • UP के 75 जिलों में एक साथ बजेगा Black Out सायरन, बंद करनी होंगी घर-दफ्तर की सारी लाइटें
    • भाजपा दूसरे दलों का डाटा चोरी करा रही: अखिलेश
    • बहन की शादी, किस्तें भरने को 15 लाख में चावल बेचा, दो भाई गिरफ्तार
    • 1000 करोड की हेराफेरी में मदद करने के आरोप में पंजाब एंड सिंध बैंक के शाखा प्रबंधक समेत 18 पर केस दर्ज
    • एसडीएम के सरकारी आवास पर कोई बांध गया जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता, मालिक की तलाश शुरू
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»1 जनवरी से लॉन्च होगा सरकारी ‘भारत टैक्सी’ ऐप
    देश

    1 जनवरी से लॉन्च होगा सरकारी ‘भारत टैक्सी’ ऐप

    adminBy adminDecember 18, 2025No Comments9 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली 18 दिसंबर। भारत के ऐप-आधारित टैक्सी सेक्टर में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय के तहत ‘भारत टैक्सी ऐप’ (Bharat Taxi App) को देशभर में लॉन्च करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह ऐप न केवल यात्रियों को सस्ती और सुरक्षित सवारी देगा बल्कि ड्राइवरों को शोषण से बचाकर उन्हें बेहतर कमाई और सम्मान भी दिलाएगा। सहकारिता मॉडलपर आधारित यह पहल 1 जनवरी 2026 से आधिकारिक रूप से बड़े शहरों में अपनी सेवाएं शुरू कर देगी।

    एप में ऑटो-रिक्शा, कार और बाइक की सर्विस उपलब्ध होगी। यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से ऑप्शन चुन सकेंगे।
    ओला और उबर जैसे ऐप्स में पीक ऑवर्स में किराया अचानक बढ़ जाता है, जिससे पैसेंजर्स परेशान होते हैं। भारत टैक्सी ऐप में ऐसा नहीं होगा। किराया स्थिर रखने की कोशिश की जाएगी। ये एप सरकारी पहल का हिस्सा है, इसलिए पैसेंजर्स को सस्ती और भरोसेमंद सर्विस मिलेगी।

    ड्राइवर्स को कुल किराए का 80% से ज्यादा हिस्सा मिलेगा। यानी, ड्राइवर्स की कमाई बढ़ेगी। अभी ज्यादातर प्राइवेट एप्स में कमीशन ज्यादा कटता है, जिससे ड्राइवर्स की कमाई कम हो जाती है। लॉन्च से पहले ही दिल्ली में करीब 56,000 ड्राइवर्स रजिस्टर कर चुके हैं।

    पहले चरण में इसे दिल्ली के अलावा राजकोट, मुंबई, पुणे, भोपाल, लखनऊ और जयपुर सहित 20 से अधिक शहरों में लॉन्च किया जाएगा। अकेले दिल्ली में 40 केंद्रों पर रोजाना लगभग 2,000 ड्राइवर इस ऐप के साथ जुड़ रहे हैं।

    दूसरे एप्स की तरह भारत टैक्सी एप में भी रियल-टाइम व्हीकल ट्रैकिंग मिलेगी। सेफ्टी और रिलायबिलिटी के लिए प्लेटफॉर्म सिर्फ वेरिफाइड ड्राइवर्स को ही ऑनबोर्ड करेगा और 24 घंटे कस्टमर सपोर्ट देगा। एप कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा।

    ओला-उबर से कैसे अलग है भारत टैक्सी?
    सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी: ओला-उबर में पीक टाइम या बारिश में किराया अचानक 2-3 गुना बढ़ जाता है। भारत टैक्सी में किराया स्थिर रखने की कोशिश होगी, ताकि पैसेंजर्स को महंगा न पड़े।

    ड्राइवर्स को ज्यादा कमाई: भारत टैक्सी में ड्राइवर्स को कुल किराए का 80% से ज्यादा हिस्सा मिलेगा। ओला-उबर में कमीशन ज्यादा कटता है, जिससे ड्राइवर्स की नेट कमाई कम रहती है।

    सरकारी सपोर्ट और भरोसा: भारत टैक्सी सरकारी पहल का हिस्सा है, इसलिए ट्रांसपेरेंसी और रेगुलेशन ज्यादा होगा। ओला-उबर पूरी तरह प्राइवेट कंपनियां हैं।

    भारत टैक्सी पहला राष्ट्रीय सहकारी राइड हेलिंग प्लेटफार्म है, जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन ने तैयार किया है। इसमें ड्राइवर भी सह-मालिक होंगे। इसके लिए सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ बीते दिनों एमओयू हो चुका है।

    Bharat Taxi App Launch india Ministry of Cooperation Initiative tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार रैली में जाने के लिए अलग से चलाना शुरू करें ट्रेन

    January 17, 2026

    पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाला ठग निकला होमगार्ड, आरोपी साथी गिरफ्तार

    January 17, 2026

    अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है

    January 17, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.