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    Home»देश»सोनू सूद और युवराज सिंह जैसे अन्य वीआईपी चेहरों को भी जनहित में सरकार करे बेनकाब
    देश

    सोनू सूद और युवराज सिंह जैसे अन्य वीआईपी चेहरों को भी जनहित में सरकार करे बेनकाब

    adminBy adminDecember 20, 2025No Comments10 Views
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    समय और काल कोई सा भी रहा हो भारत हो या कोई और देश सब जगह उस दौरान के वीआईपी कहे जाने वाले बड़े आदमियों चाहे वो किसी भी क्षेत्र में सक्रिय रहे हो ज्यादातर नागरिक उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानकर अथवा उनके द्वारा दिये गये संदेश को आत्मसात कर आगे बढ़ने की कोशिश करता रहा है। परिणाम स्वरूप खिलाड़ी हो या कलाकार नेता हो या समाजसेवी अपने अपने क्षेत्रों में जितने भी चर्चित नाम रहे ज्यादातर द्वारा जिन चीजों का विज्ञापन दिया गया उन्हें हमारे बुजुर्ग और युवा अपनाते रहे। इतना ही नहीं रियल एस्टेट विभिन्न उत्पादनों के साथ साथ सटे और जुए पर भी दाव लगाने से इनके द्वारा प्रभावित किये व्यक्ति पीछे नहीं रहे। पूर्व में मीडिया तो सक्रिय था लेकिन सोशल मीडिया की भांति तेज नहीं इसलिए तमाम घोटाले और घपले कहीं प्रभाव कहीं लालच व दबाव में दबकर रह जाते थे लेकिन जब से सोशल मीडिया और जयंत जी का जमाना आया बड़ा हो या छोटा हीरो हो या वीआईपी सबकी असलियत खुलकर सामने आने लगी।
    बीते दिनों कोरोना काल में फिल्मी कलाकार के साथ साथ आम आदमी के हीरों के रूप में उभरे सानू सूद क्रिकेट खिलाड़ी युवराज सिंह रॉबिन उधप्पा मिमी चक्रवर्ती के अलाव उर्वशी रौतेला की मां मीरा रौतेला बंगाली अभिनेता अंकुश हजारा अभिनेत्री नेहा शर्मा पूर्व सांसद मिम्मी चक्रवर्ती आदि के नाम मनी लांिड्रंग में आये और खबर है कि सट्टेबाजी एप से जुड़ा यह मामला एक हजार करोड़ रूपये का हो सकता है। बताते चले कि पूर्व में भी प्रमुख क्रिकेट खिलाड़ी शिखर धवन और सुरेश रैना आदि के नाम ऐसे प्रकरणों में उभरकर सामने आते रहे। अब इडी ने इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है और यह स्पष्ट हो रहा है कि अगर आगे कार्रवाई चली तो ऐसे कई और वीआईपी बेनकाब होंगे। जो नियम विरूद्ध जाकर माल कमाने के चक्कर में अवैध सट्टेबाजी ऑन लाईन जुए आदि के प्रचार के साथ ही घोटालेबाज बिल्डरों और कई प्रकार के उत्पादनों के गलत तरीके प्रचार में सम्मलित पाए जाएंगे कोई किसी कंपनी ब्रांड एम्ब्रेडर होगा कोई ऑल लाईन जुए को प्रोत्साहन देने हेतु यह बताते दिखाई देगा कि मैंने इतने रूपये लगाये और इतने कमाए। बताते है कि विवादित हस्तियों ने एक्स बैड प्रचार के लिए विदेशी संस्थाओं के साथ जानबूझकर विज्ञापन समझौते किए और इससे मिलने वाली रकम मनी लांड्रिंग से आई रकम से कुराकाओं करेबियन सागर में स्थित द्धीप जो बेनेजुएला के तट के पास है जो नीदरलैंड का हिस्सा बताये जाते है। ऐसे प्रकरणों से झनकर आने वाली खबरों के अनुसार सट्टेबाजी एप वन एक्स बैट से जुड़े लोगों से निवेशकों से करोड़ों रूपये की ठगी करने के साथ ही टैक्स चोरी का आरोप भी उभरकर सामने आ रहा है। बताते है कि यह एक्स बेट भारत में बिना अनुमति के काम कर रहा था। तथा सोशल मीडिया ऑल लाईन मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के जरिए विज्ञापन देकर गलत तरीके से प्रचार किया जा रहा था।
    जानकारी अनुसार इससे पूर्व भी कई सेलिब्रेटी के नाम इस प्रकार के गलत प्रचार करने और नागरिकों को अपनी लोकप्रियता के माध्यम से गलत सब्जबाग दिखाकर उनका आर्थिक नुकसान कराने का काम कर रहे थे। समय असमय पर ऐसी खबरों तो पढ़ने को मिलती है लेकिन कमी कहीं भी हो ज्यादातर मामलों में यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि दोषी वीआईपी ऑन लाईन एप जुआ संचालन और विभिन्न रूप से दोषी उत्पादकों आदि के साथ साथ इन वीआईपी चेहरों के बीच क्या कार्रवाई की गई वो स्पष्ट नहीं की जाती। अभी पिछले दिनों इंडिगो की एयरलाईन प्रकरण में सोनू सूद द्वारा इंडिगो के संचालकों के समर्थन में एक संदेश जारी किया गया था जो पूरी तौर पर जनहित के विरोध में था। और अब तो उनका चेहरा खुलेआम बेनकाब हो गया है कि वो और उन जैसे लोग समाजसेवा की आड़ में क्या क्या कर रहे होते है। यह चेहरे तो खुलकर आ गये लेकिन और भी बड़े नामचीन और उच्चस्तरीय पुरस्कार प्राप्त कुछ और वीआईपी और फिल्म अभिनेताओं के ऐसे प्रकरणों में शामिल होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। बताते चले कि कई मामलों में इन वीआईपीयों के चक्कर में आम आदमी के लिए नासूर बन रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती। क्योंकि यह वीआईपी जाकर फीता काटने के साथ साथ सीधे साधे नागरिकों को अपनी बातों के चक्रव्यूह में फंसाकर उनका आर्थिक उत्पीड़न करने में लगे बिल्डरों आदि की प्रशंसा और वकालत कर नागरिकों को गुमराह कर देते है।
    हमारा मानना है कि केन्द्रीय कानून गृह उद्योग मंत्रालय संयुक्त रूप से अभियान चलाकर जनहित में वीआईपी की आड़ में गलत धंधों को बढ़ावा देने नामचीन चेहरों के विरूद्ध कार्रवाई कर उन्हें बेनकाब किया जाए जनहित में। क्योंकि यह आर्थिक तंगी के युग में भयंकर संघर्ष कर अपने और अपने बच्चों के लिए घर की छत जुटाने और व्यापार की राह तलाशने में लगे लोगों के साथ अपनी सहभागिता तय कर आम आदमी को कहे अनकहे रूप में नुकसान पहुंचाते है। कुछ दिनों पहले तक सोनू सूद व युवराज सिंह के बारे में कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि यह मासूम और चमकते चेहरे आम आदमी के लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक हो सकते है।
    (प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई राष्ट्रीय महामंत्री सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए पूर्व सदस्य मजीठिया बोर्ड यूपी संपादक पत्रकार)

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