राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से जारी बयान के अनुसार देश में अवैध रूप से घुसे बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान कर उन्हें देश से बाहर करना सरकार की जिम्मेदारी है। संघ प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामले में भारत को बिना समझौते अपना रास्ता तय करना चाहिए। स्मरण रहे कि गत रविवार को संघ के १०० साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में देश अपने हितों को आगे रखकर चलते हैं। देश का आर्थिक सामाजिक रूप से मजबूत होना चाहिए जिससे अंतराष्ट्रीय घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपट सके। दुनिया में जारी उथल पुथल के परिणाम भारत पर कम से कम असर डालेंगे।
वर्तमान में जिस प्रकार से पड़ोसी देशों में घट रहे घटनाक्रम और परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदले हालातों को देखकर सोचा जाए तो भागवत जी ने सरकार को एक अच्छा संदेश दिया है कि वो कोई भी निर्णय ले देश उनके साथ है। एक अच्छी परिपक्व मजबूत सोच वाले देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संघ के इस बयान से बल मिलता है क्योंकि जब आम आदमी सरकार के साथ खड़ा हो तो वह विकट स्थिति का सामना पूरी मजबूती के साथ कर सकती है। क्योंकि देश से बाहर जन्में भारतीय नागरिक भी अब मतदाता बन सकते हैं इसके लिए चुनाव आयोग ने व्यवस्था बनाई है जिससे फार्म छह व फार्म ए भरे जा सकते हैं। इसमें पहले आ रही समस्याओं का समाधान चुनाव आयोग द्वारा कर दिया गया है। इससे भी देश को आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूती प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। संघ प्रमुख का संदेश देश से बाहर जन्मे के मतदाता बनने से सरकार को परेशानी से निपटने का बल मिलेगा।
(प्रस्तुतिः-रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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