लखनऊ, 13 जनवरी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग को लेकर एक बेहद सख्त कदम उठाया है।डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर 17 सरकारी डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है।लंबे समय से ड्यूटी से नदारद रहने और अनुशासनहीनता के चलते ये कड़ी कार्रवाई हुई है। डिप्टी सीएम की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ऑफिस से जारी बयान के मुताबिक बर्खास्त किए जा रहे ये सभी 17 डॉक्टर लंबे समय से बिना किसी सूचना के अपनी ड्यूटी से गायब थे।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कई बार इन डॉक्टरों से संपर्क करने का प्रयास किया और उन्हें ड्यूटी पर लौटने का मौका दिया,लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।डिप्टी सीएम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी,जो डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे,उन्हें सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
बिना सूचना के छह महीने से अधिक समय से गैरहाजिर 17 डॉक्टरों को बर्खास्त किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष को सभी डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गैरहाजिर डॉक्टरों से विभाग के अफसरों ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सभी डॉक्टरों को बर्खास्त करने का फैसला किया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कानपुर देहात के बनीपारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के डॉ. महेंद्र सिंह, बरेली सीएमओ के अधीन डॉ. विनय कुमार, औरैया अजीत मल्ल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डॉ. शालिनी, डॉ. प्रभा पाल, अछल्दा घसारा पीएचसी डॉ. अजय राजपूत, गूरा बिधूना पीएचसी के डॉ. आलोक कुमार, राजकीय चिकित्सालय डॉ. प्रदीप कुमार, वाराणसी सीएमओ कार्यालय के अधीन स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्सना पांडेय और प्रयागराज के सैदाबाद सीएचसी डॉ. रेखा देवी को बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा सहारनपुर कैलाशपुर पीएचसी के डॉ. अमित कुमार, अलीगढ़ जवां सीएचसी के डॉ. अंदलीव रुवाब शुएब, प्रयागराज राम नगर सीएचसी के डॉ. विजय कुमार गुप्ता, झांसी बबीना पीएचसी के डॉ. अजय विक्रम सिंह, बाराबंकी जैदपुर सीएचसी के डॉ. बेनजीर, सुल्तानपुर जयसिंहपुर सीएचसी डॉ. जगराम वर्मा, सुल्तानपुर अखंडनगर पीएचसी के डॉ. सत्यनाम कुमार भारतीय और बरेली मीरगंज सीएचसी के डॉ. सुधाकर पांडेय को बर्खास्त करने के लिए अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं।
मरीजों से अभद्रता के आरोप में रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय लखनऊ की डॉ. नेहा सिंह, महाराजगंज जिला संयुक्त चिकित्सालय की डॉ. शालिनी वर्मा, मथुरा फरह सीएचसी की डॉ. अंजलि वर्मन और चिकित्सा अधीक्षक डा. राम गोपाल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यभार ग्रहण न करने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश
राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी में नौ वर्षों से तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डा़ चित्रा सुरेश की प्रतिनियुक्ति को निरस्त कर दिया गया है। उन पर नियम विरुद्ध तरीके से प्रतिनियुक्ति पर तैनाती का आरोप है। इससे संबंधित शासनादेशों का उल्लंघन करने और अवैधानिक रूप से कार्य करने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कानपुर राजकीय मेडिकल कालेज से जालौन स्थानांतरण होने के बावजूद नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न किए जाने पर जनरल सर्जरी विभाग के आचार्य डॉ. गजेंद्र सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय के अधीन जानकीपुरम ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. अजीत सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार, डा़ मोहम्मद तहसीन से कार्यों में लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। गोरखपुर पिपरौली सीएचसी की डॉ. नीतू कुमारी, फिरोजाबाद जाटऊ सीएचसी के डा़ अमित जिंदल और बलिया जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुराग सिंह से लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
लखनऊ के सिविल हास्पिटल के डॉ. ओमप्रकाश की निदेशक प्रशासन के साथ फोन पर वार्ता वायरल करने के मामले में दो वेतन वृद्धि रोकी गई हैं। साथ ही परनिंदा का दंड दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। सहारानपुर के टीबी सैनेटोरियम में तैनात डा़ संजीव कुमार जैन की बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए उच्च पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है।
इसके अलावा मेरठ हस्तिनापुर सीएचसी के डॉ. सतीश भास्कर और बलिया के सिकंदरपुर सीएचसी के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा़ सतीश कुमार सिंह की दो वेतनवृद्धि रोकी गई है। कटेहरी सीएचसी की डा़ नायला आफशीन, बदायूं सलरेर सीएचसी के डा़ राजवीर सिंह की एक वेतनवृद्धि, मऊ सीएमओ के अधीन डॉ. भैरव कुमार पांडेय की तीन वेतन वृद्धि रोकी गई हैं।
एक दिलचस्प मामला स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी का सामने आया है।यहां एक महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रतिनियुक्ति के नियमों का उल्लंघन कर पिछले 9 साल से जमी हुई थीं।इनकी अवैध प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा ट्रांसफर होने के बाद नई पोस्टिंग पर ज्वाइन न करने वाले एक सीनियर सर्जन के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक जिला पुरुष चिकित्सालय गोरखपुर व डॉ. एसके पांडेय तत्कालीन एसीएमओ गोरखपुर की क्रय नीति के विरुद्ध दवाएं खरीदी गईं। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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