नई दिल्ली 05 फरवरी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को दावा किया कि सरकार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दे रही है। कहा कि सरकार को डर है कि पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब पर राहुल के बोलने से सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने सांसद निशिकांत दुबे के गांधी परिवार पर लगाए गए आरोपों का विरोध किया।
राहुल गांधी ने सोमवार और मंगलवार को लोकसभा में, पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देते हुए चीन से संबंधित मुद्दा उठाने का प्रयास किया था, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली. हालांकि, उन्होंने मंगलवार को इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा. इस विषय और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सदन में गतिरोध बना हुआ है.
प्रियंका गांधी ने यहां संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि हर सत्र में विपक्ष के सांसदों को निलंबित किया जा रहा है, इसमें कोई नयी बात नहीं रह गई है. राहुल गांधी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एक स्रोत से कुछ उद्धृत कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद ही संजय बारू जी की पुस्तक को उद्धृत किया है. सत्ता पक्ष के लोग खुद कभी पत्रिका, तो कभी किताब के अंश को संसद में उद्धृत करते रहे हैं. संसद लोकतंत्र का मंदिर है, देश के हर नागरिक की इस पर आस्था है. इसलिए हमें इसके अंदर जरूरी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए.
उन्होंने कि संसद में चीन, पाकिस्तान और विदेश नीति से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा होती रही है तथा यही हमारी परंपरा रही है. प्रियंका गांधी ने दावा किया कि असलियत में मोदी सरकार डर गई है कि उनकी सच्चाई देश के सामने आ जाएगी, इसलिए वे किताब को प्रकाशित भी नहीं होने दे रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा कि नरवणे जी की किताब में लिखा है कि जब चीन की सेना हमारी सीमा पर थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया थी. उन्होंने दावा किया कि वहीं, दूसरी तरफ एप्स्टीन फाइल सामने आ रही हैं, जिससे मोदी सरकार के तार जुड़ रहे हैं. प्रियंका ने कहा कि अब तो ये सारे सत्यापित दस्तावेज हैं. अब अगर सदन में इन चीजों पर चर्चा नहीं होगी, तो किस पर होगी?

