नई दिल्ली 02 जनवरी। देश मेरा बुलेट ट्रेन चलाने का सपना जल्द पूरा होने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए साल के पहले दिन देशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। इसकी तारीख की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2027 से देश में बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी।
उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगले साल के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बुलेट ट्रेन की सवारी करने के लिए अभी से टिकट खरीद लीजिए। पहले चरण में सूरत से वापी के बीच 100 किलोमीटर दूरी में ये ट्रेन चलाई जाएगी।
बुलेट ट्रेन में सफर का सपना संजोए हर भारतीय ट्रेन चलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। यह ट्रेन न केवल गौरव का प्रतीक है, बल्कि बदलते भारत की तस्वीर भी बयां करेगी। बता दें कि देश की पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलाने की योजना है।
अब तक कितना काम पूरा हुआ है?
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना अब तक कुल 508 किमी में से 332 किमी वायाडक्ट और 412 किमी पियर का काम पूरा हुआ है.17 नदी पुल बनकर तैयार हुआ है. इनमें 5 पीएससी (प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट) और 12 स्टील ब्रिज शामिल.242 किमी हिस्से में 4.8 लाख से अधिक नॉइज़ बैरियर लगाए गए.280 ट्रैक किमी (140 रूट किमी) में आरसी ट्रैक बेड का निर्माण पूरा हुआ है.मुख्य वायाडक्ट पर करीब 100 रूट किमी में 4,300 ओएचई मस्त लगाए गए.पालघर डिस्ट्रिक्ट में 7 पहाड़ी सुरंगों का खुदाई कार्य जारीबीकेसी से शिल्पता के बीच 21 किमी लंबी सुरंग में से 5 किमी खुदाई पूरी हो चुकी है.सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का निर्माण जारी.गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपर-स्ट्रक्चर का काम उन्नत चरण में है.महाराष्ट्र के तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है.विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों पर रेल स्लैब कास्टिंग जारी है.मुंबई के अंडरग्राउंड स्टेशन पर स्लैब कास्टिंग का काम प्रगति पर है
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दोनों मेट्रो शहरों के बीच 508 किमी का सफर दो घंटे 17 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। ट्रेन प्रोजेक्ट का लगभग 55 प्रतिशत काम पूरा हो जुका है। पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूरत में प्रोजेक्ट की समीक्षा भी की थी।
320 किमी की रफ्तार
ये ट्रेन जापान की शिंकानसेन हाई-स्पीड ट्रेन की तर्ज पर चलेगी। इसकी अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। पूरे प्रोजेक्ट में कुल 12 स्टेशन पड़ेंगे, जिसमें अहमदाबाद, वड़ोदरा, भड़च, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई प्रमुख हैं। प्रोजेक्ट का 85 प्रतिशत हिस्सा यानी लगभग 465 किलोमीटर एलिवेटेड होगा, जिसमें से 326 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।

