इंस्टाग्राम ने किशोरों के लिए अपने प्लेटफॉर्म को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब 13 वर्ष से अधिक उम्र वाले कंटेंट से जुड़े सख्त नियमों को पूरी दुनिया में लागू कर रही है। इससे पहले, पिछले साल अक्तूबर में इन नियमों को केवल अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में लागू किया गया था। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पिछले ही महीने अमेरिका की अदालतों ने मेटा को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का जिम्मेदार ठहराया था।
इंस्टाग्राम के इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य किशोरों को आपत्तिजनक कंटेंट से पूरी तरह दूर रखना है। इन बदलावों के लागू होने के बाद, प्लेटफॉर्म पर हिंसा, नग्नता और ड्रग्स से जुड़े पोस्ट किशोरों की पहुंच से काफी हद तक बाहर हो जाएंगे। इसके साथ ही, इंस्टाग्राम ने अपनी पॉलिसी को और सख्त करते हुए यह भी तय किया है कि गाली-गलौज, किसी तरह के खतरनाक स्टंट या नशे आदि से जुड़े पोस्ट को एल्गोरिदम न तो खुद से रिकमेंड करेगा और न ही उन्हें फीड में आसानी से दिखाएगा।
इन सब के अलावा कंपनी ने ‘लिमिटेड कंटेंट’ नाम से एक नई सेटिंग भी जोड़ी है। यह एक बहुत ही सख्त फिल्टर है जो किशोरों को आपत्तिजनक पोस्ट देखने से तो रोकेगा ही, साथ ही उन्हें ऐसे पोस्ट पर कमेंट करने या रिसीव करने से भी ब्लॉक कर देगा।
कंपनी ने क्या कहा?
अपने एक ब्लॉग पोस्ट में इंस्टाग्राम ने कहा, “जैसे 13+ रेटिंग वाली फिल्मों में कभी-कभी कुछ आपत्तिजनक भाषा या दृश्य दिख जाते हैं, वैसा किशोरों को इंस्टाग्राम पर भी कभी-कभार दिख सकता है। लेकिन हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा कम से कम हो। हम मानते हैं कि कोई भी सिस्टम एकदम परफेक्ट नहीं होता, लेकिन हम समय के साथ इसमें सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
‘मूवी रेटिंग’ के नाम पर हुआ था विवाद
पिछले साल जब मेटा ने इन नियमों को पेश किया था तो इसे फिल्मों की “PG-13 रेटिंग” से प्रेरित बताया था। लेकिन हॉलीवुड की मोशन पिक्चर एसोसिएशन (MPA) ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मेटा को एक लीगल नोटिस भेज दिया। उनका कहना था कि सोशल मीडिया कंटेंट की तुलना फिल्मों की रेटिंग सिस्टम से नहीं की जा सकती। इसके बाद मेटा ने इस शब्द का इस्तेमाल करना बंद कर दिया। कंपनी ने माना कि फिल्में और सोशल मीडिया अलग-अलग हैं, लेकिन यह नया फीचर फिल्मों की रेटिंग जैसा ही इंस्टाग्राम का अपना तरीका है।
मेटा पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
मेटा पर लंबे समय से यह गंभीर आरोप लगते रहे हैं कि कंपनी अपने बिजनेस और मुनाफे को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य से ऊपर रखती है। खुद को इन विवादों से बचाने के लिए कंपनी ने हाल ही में कई सुरक्षा फीचर्स पेश किए हैं, जैसे कि किशोरों के जरिए खुद को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट को सर्च करने पर सीधे पेरेंट्स को अलर्ट भेजना और एआई फीचर्स के लिए नए ‘पेरेंटल कंट्रोल्स’ देना।
हालांकि, हाल ही में अदालती दस्तावेजों से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मेटा को डायरेक्ट मैसेज में आने वाली अश्लील तस्वीरों की समस्या का वर्षों से पता था, फिर भी उसने उन्हें ‘ब्लर’ करने वाले सुरक्षा फीचर को लागू करने में काफी देरी की।

