सियोल/नई दिल्ली, 29 जनवरी। दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने गत दिवस पूर्व फर्स्ट लेडी किम केओन ही को भ्रष्टाचार के मामले में 20 महीने जेल की सजा सुनाई। उन्हें यूनिफिकेशन चर्च से बिजनेस के फायदे के लिए बेहद कीमती गिफ्ट लेने का दोषी पाया। उन पर राजनीतिक फायदे देने के बदले यूनिफिकेशन चर्च के अधिकारियों से चैनल बैग और एक हीरे का पेंडेंट लेने का आरोप था। हालांकि, उन्हें स्टॉक की कीमतों में हेरफेर और राजनीतिक फंड कानून के उल्लंघन के अन्य आरोपों से बरी कर दिया गया। दक्षिण कोरियाई अभियोजकों का कहना है कि वह बरी होने के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। किम केओन दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल की पत्नी हैं, जिन्हें देश में मार्शल लॉ लगाने के आरोप में पिछले साल पद से हटा दिया गया था।
कोर्ट में किम केओन ने सभी आरोपों से इनकार किया था। उनके वकील ने कहा कि टीम सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले की समीक्षा करेगी और रिश्वतखोरी के आरोप में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अपील करने का फैसला करेगी। तीन जजों की बेंच के मुख्य जज ने कहा कि फर्स्ट लेडी का पद किसी भी औपचारिक शक्ति के साथ नहीं आता है जो उन्हें राज्य के मामलों में शामिल होने की अनुमति दे, बल्कि यह देश का प्रतिनिधित्व करने वाली एक प्रतीकात्मक भूमिका है।
जस्टिस वू इन-सुंग ने फैसले में कहा कि जो व्यक्ति ऐसे पद पर था, वह हमेशा रोल मॉडल नहीं हो सकता है, लेकिन वह व्यक्ति जनता के लिए बुरा उदाहरण नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने उन पर 12.8 मिलियन वॉन (8,990 डालर) का जुर्माना लगाया और हार जब्त करने का आदेश दिया। किम अगस्त से जांच के तहत हिरासत में हैं। अभियोजकों ने उन्हें सभी आरोपों में दोषी ठहराने, 15 साल जेल और 2.9 बिलियन वॉन के जुर्माने की मांग की थी।
किम केओन सुनवाई के दौरान गहरे रंग का सूट और फेस मास्क पहने हुए, गार्डों के साथ कोर्टरूम में लाई गई और फैसला सुनाए जाने के दौरान चुपचाप बैठी रही। किम के वकीलों के एक बयान में कहा गया है कि वह ष्कोर्ट की कड़ी आलोचना को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती हैं और ष्जनता की चिंता का कारण बनने के लिए माफी मांगती हैं। यून और किम के समर्थकों ने, जो कोर्ट परिसर के बाहर कड़ाके की ठंड में खड़े थे, दो आरोपों में बरी होने के फैसले के बाद खुशी मनाई।
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