कानपुर 31 मार्च। निजी अस्पतालों में किडनी खरीदने-बेचने और अवैध ट्रांसप्लांट का खेल पकड़ में आया है। अभी कल्याणपुर स्थित मैड लाइफ, आहूजा और प्रिया हास्पिटल और आरोही अस्पताल का नाम सामने आया है। डोनर मेड लाइफ में भर्ती है, जबकि जिस मरीज का ट्रांसप्लांट हुआ वह 35 वर्ष की महिला है और प्रिया हास्पिटल में भर्ती है। दलाल के माध्यम से 60 लाख रुपये में किडनी का सौदा करने की बात सामने आ रही है। रुपये कम मिलने के बाद विवाद हुआ और मामला पुलिस तक पहुंच गया। मुख्य दलाल शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काना, आहूजा मेडिकल सेंटर के संचालक डा. सुरजीत आहूजा और डा. प्रीति आहूजा और कर्मचारी राघव त्रिपाठी समेत छह लोगों को हिरासत में लिया गया है किडनी चोरी रैकेट सक्रिय होने की आशंका में पुलिस शहर और अन्य जनपदों में करीब आधा दर्जन स्थानों पर छापेमारी की है। करीब दस बड़े अस्पताल रडार पर हैं। शहर में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा और अनुमति केवल एक निजी अस्पताल के पास है। पुलिस को सोमवार दोपहर शिकायत मिली। जांच में मेडलाइफ हास्पिटल का नाम सामने आया।
सूत्रों के मुताबिक यहां शिवम नाम का दलाल पिछले दिनों एक मरीज लेकर आया था, जिसकी किडनी खराब थी। मरीज को आहूजा मेडिकल सेंटर लाया गया, जहां ट्रांसप्लांट हुआ। पुलिस ने दलाल और आहूजा मेडिकल सेंटर के संचालक को पकड़ा। चौंकाने वाली बात यह है कि मरीज को मेडलाइफ हास्पिटल लाने के लिए जो मेमो, आवश्यक दस्तावेज व प्रक्रिया चाहिए थी, उसे पूरा नहीं किया गया। पुलिस को आशंका है कि अस्पताल अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट के साथ ही किडनी चौरी में भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस के अधिकारियों ने इस संबंध मैं बात करने से मना कर दिया है लेकिन उन्होंने संकेत जरूर दिए हैं कि मामला गंभीर है और जांच हो रही है।
बड़े रैकेट की आशंका
मेड लाइफ हास्पिटल का संचालन रामप्रकाश कुशवाहा और राजा तिवारी करते हैं। काफी मशक्कत के बाद टीम को अस्पताल में किडनी देने वाला डोनर मिल गया। उसने अपना नाम आयुष और मेरठ का रहने वाला बताया। यह भी बताया कि उसने अपने एक करीबी महिला रिश्तेदार को किडनी दान की है। हालांकि वह उसका नाम नहीं बता पाया, लेकिन पता चला है कि वह मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। रामप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके अस्पताल का समझौता आरोही अस्पताल से हुआ था। उनके कहने पर ही मरीज का इलाज शुरू किया। उसे रविवार देर रात ढाई बजे लाया गया था। विवाद बढ़ने पर पता चला कि मरीज का आपरेशन आहूजा अस्पताल में हुआ था। आवास विकास एक स्थित प्रिया हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के आइसीयू इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह शाम पांच बजे परमट मंदिर में थे. उनके पास शिवम अग्रवाल का फोन आया था कि एक मरीज भेज रहे हैं, तीन दिन भर्ती रखना है।

