लखनऊ 16 फरवरी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद खास रहा. एक तरफ कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है, वहीं सपा को मजबूती मिली है. पिछले दिनों कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने वाले वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की उपस्थिति में अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी में उनका स्वागत किया. कहा कि उनके सपा के साथ आने से 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को काफी मजबूती मिलेगी. नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ कई और कांग्रेसी नेताओं ने समाजवादी पार्टी की साइकिल की सवारी कर ली.
वहीं, इस मौके पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर हमला बोला. शंकराचार्य को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री योगी किस मुंह से सर्टिफिकेट मांग रहे हैं. भगवा पहनने पर उन्हें किसने सर्टिफिकेट दिया. कुछ लोग शंकराचार्य को भी अपमानित कर रहे. उनके साथ हम लोग हैं. शंकराचार्य शंका से परे होते हैं. इनकी भाषा ऐसी है, जब मुंह खोला तब बुरा बोला. सीएम का मतलब चीफ मिनिस्टर नहीं कुछ लोग कहते हैं करप्ट माउथ.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कांग्रेस पार्टी छोड़कर आए नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी की सदस्यता दिलाई. उन्होंने खुले मन से सिद्दीकी का पार्टी में स्वागत किया. नसीमुद्दीन के अलावा राजकुमार पाल पूर्व विधायक सदर, पूर्व मंत्री अनीश अहमद खान उर्फ फूल बाबू , पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा और दानिश खान ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. सदस्यता कार्यक्रम के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि आज हमारे पास ‘फूल” आ गए हैं तो किसी का फूल मुरझाता जा रहा है. राजकुमार पाल के आने से हमारी पार्टी के पहले वाले पाल और मजबूत होने जा रहे हैं.
कहा कि सीएम का मतलब चीफ मिनिस्टर नहीं कुछ लोग कहते हैं करप्ट माउथ. जो लोग अधिकारियों के माध्यम से दूसरों के सर्टिफिकेट मांग रहे हैं, उनके सर्टिफिकेट कहां हैं? अखिलेश ने कहा कि आज दिल्ली और लखनऊ दोनों जगह की हवा खराब है. हमारे मुख्यमंत्री विष्ट जी खिलाड़ी तो हैं, लेकिन खेल नहीं पा रहे हैं. जबसे भाजपा सरकार आई है तब से मंझा और गांजा बहुत पकड़ा जा रहा है. एक जगह जनसुनवाई में सांड घुस गया. सपा मुखिया ने कहा कि कुछ दिन पहले हमने 300 करोड़ से ज्यादा के राफेल खरीदे. बताओ मेक इन इंडिया का क्या हुआ? बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट का घोटाला किया जा रहा है, इसीलिए पंचायत चुनाव में देरी हो रही है. जो लोग अंगूठा लगाते हैं, बीजेपी ने फार्म-7 में उसके दस्तखत करा दिए. मैं भाजपा वालों को एक लाख रूपए दूंगा हमारे लोगों को भी दस्तखत कराना सिखा दें.
समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मेरे पुराने रिश्ते हैं. मैं किसी भी दल में रहा लेकिन अखिलेश यादव मेरे पसंदीदा नेता रहे हैं. उनकी बहुत इज्जत करता हूं. मैं अनुशासन प्रिय इंसान हूं. अब जो भी पार्टी अध्यक्ष कहेंगे, हम उनके बताए रास्ते पर चलेंगे. मेरे शामिल होने से पहले पार्टी में और भी कई सीनियर नेता हैं. मैं राजनीति में भले सीनियर हूं, लेकिन यहां पर मैं जूनियर की तरह काम करूंगा. हमें सीनियर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को मजबूत करना है. पार्टी मजबूत होगी तो हम मजबूत होंगे. हम मजबूत होंगे तो प्रदेश मजबूत होगा. प्रदेश मजबूत होगा तो समाज मजबूत होगा. हमें हरहाल में भाजपा को सत्ता से बाहर करना है और सपा की सरकार बनानी है. सिद्दीकी में सपा की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े. कहा कि देश में पहली बार बेरोजगारी भत्ता अखिलेश यादव ने दिया. पहला बार छात्रों को लैपटॉप इन्होंने दिया. युवाओं को सपा ने नौकरी दी.
सपा ज्वाइन करने के बाद जब नसीमुद्दीन सिद्दीकी मंच पर भाषण देने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने कहा कि आज मेरे साथ 15 हजार से ज्यादा लोग बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं. उनके इतना कहते ही मंच पर बैठे अखिलेश यादव समेत अन्य नेता हंसने लगे. तत्काल सिद्दीकी ने खुद को संभालते हुए कहा कि मेरा कहने का मतलब ये है कि मेरे साथ आज हजारों लोग बहुजन समाज पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं. सपा बहुत मजबूत हो रही है.
अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. तमाम नेता अपने लिए सुरक्षित स्थान खोजने लगे हैं. इन्हीं नेताओं में बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे और कुछ दिन पहले तक कांग्रेस में महासचिव की भूमिका में रहने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी शामिल हैं. सिद्दीकी ने रविवार को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली. पिछले कुछ दिनों से यूपी की राजनीति में कयासबाजी का दौर चल रहा था कि नसीमुद्दीन कांग्रेस छोड़ने के बाद अपनी अलग पार्टी बनाएंगे या आजाद समाज पार्टी के साथ जाएंगे, या फिर असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम में शामिल होंगे. समाजवादी पार्टी में जाने की चर्चाएं तो चल रही थीं, लेकिन राजनीतिक जानकर इसकी उम्मीद कम जता रहे थे, पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए आखिरकार समाजवादी पार्टी में अपने लिए जगह बना ली. रविवार को नसीमुद्दीन सपाई हो गए. साइकिल की सवारी कर 2027 में यूपी में समाजवादी पार्टी को जिताने में अहम भूमिका निभाने को तैयार हैं.

