अगरतला, 25 फरवरी। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के रास्ते अगरतला और कोलकाता को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित ‘मैत्री’ अंतरराष्ट्रीय बस सेवा 18 महीने के अंतराल के बाद फिर से नियमित रूप से शुरू हो गई है।
मैत्री अंतरराष्ट्रीय बस सेवा की पहली बस सोमवार को कोलकाता से रवाना होकर ढाका होते हुए गत दिवस अगरतला पहुंची। अगरतला (भारत)-अखौरा (बांग्लादेश) एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) पर यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मौके पर त्रिपुरा के परिवहन एवं पर्यटन मंत्री सुषांत चौधरी, त्रिपुरा रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (टीआरटीसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष समर रॉय और आईसीपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री चौधरी ने कहा कि ढाका के रास्ते अगरतला-कोलकाता बस सेवा की बहाली एक स्वागत योग्य और सुखद पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के विकास के लिए आपसी मित्रता जरूरी है और यह बस सेवा विश्वास और सहयोग का प्रतीक है।
टीआरटीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष समर रॉय ने कहा कि अगरतला-ढाका बस सेवा भी जल्द शुरू होने की संभावना है। 35 सीटों वाली राज्य सरकार की बस सप्ताह में तीन दिन अगरतला से और तीन दिन कोलकाता से रवाना होगी। दोनों सेवाएं ढाका के रास्ते त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल को जोड़ेंगी।
अगरतला-ढाका-कोलकाता और अगरतला-ढाका बस सेवाएं पहले कोविड-19 महामारी के दौरान निलंबित की गई थीं और जून 2022 में दोबारा शुरू हुई थीं। हालांकि, बांग्लादेश में एक बस दुर्घटना और उस पर भीड़ के हमले के बाद सेवाएं फिर रोक दी गईं। पिछले वर्ष जून-जुलाई में हुई हिंसा और 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बस संचालकों ने सेवाएं बहाल करने में हिचक दिखाई थी।
अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेश में नई सरकार के गठन और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के संकेतों के बाद सीमापार बस सेवा फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया है। अगरतला-ढाका-कोलकाता मार्ग पूर्वाेत्तर भारत और पूर्वी भारत के बीच महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है। गुवाहाटी के रास्ते अगरतला से कोलकाता की दूरी करीब 1,650 किलोमीटर है, जबकि बांग्लादेश के रास्ते यह दूरी घटकर लगभग 620 किलोमीटर रह जाती है, जिससे यात्रा तेज और सुगम हो जाती है। अगरतला-अखौरा आईसीपी पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल-बेनापोल के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है।
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