दुबई / तेहरान,02 मार्च। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने इंतकाम लेने के लिए इजरायल, यूएई सहित मध्यपूर्व के नौ देशों पर मिसाइलों की बौछार कर दी। इजरायल और अमेरिका ने भी इसके जवाब में ताबड़तोड़ बमबारी की। यूएई ने भी ऐलान कर दिया कि वह चुप नहीं रहेगा।
ईरान ने रविवार को अमेरिकी सैन्य ठिकानों के अलावा हवाई अड्डों, होटलों और इमारतों को निशाना बनाया, जिसमें जानमाल के भारी नुकसान की खबर है। ईरान पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका ने टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जो रडार की पकड़ में नहीं आतीं। इजरायल ने रडार रोधी एफ-35 आई आदिर फाइटर जेट से बमबारी की। एफ15 रैम लड़ाकू विमानों से तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर बड़े बम और मिसाइलों की बारिश की गई। ईरान के खिलाफ बंकर बस्टम बम, हेरोज स्ट्राइक ड्रोन, डिलाइला क्रूज मिसाइल का भी इस्तेमाल किया गया।
दो सौ से ज्यादा लोगों की मौत
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बमबारी से ईरान में दो सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ईरान के अलावा इजरायल और आसपास के देशों को मिलाकर एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ईरान में 201 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि 740 से अधिक घायल हैं। खामेनेई के साथ 48 ईरानी नेताओं और अधिकारियों मारे जाने की पुष्टि हुई है। इजरायल में नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि 121 घायल हैं।
अमेरिका ने फिर चेतावनी दी
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने और अधिक आक्रामक कदम उठाए, तो उसे अब तक के सबसे खतरनाक बदले का सामना करना होगा। देर रात ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ चार सप्ताह के मिलिट्री ऑपरेशन की सोच रहे हैं।
व्यापक असर, भारत से 760 उड़ानें रद्द
तनाव के बीच भारत से खाड़ी देशों समेत कई अन्य देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन बंद हो गया है। शनिवार सुबह से रविवार देर शाम तक 760 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। मिसाइलों और ड्रोन के कारण दुबई, कुवैत और कतर जैसे देशों में हवाई यातायात बाधित हुआ।
खामेनेई के साथ परिवार के कई सदस्य भी मारे गए
खामेनेई के साथ बेटी, दामाद और नाती की भी मौत हो गई है। ईरान के सेना प्रमुख जनरल अब्दोल रहीम मौसवी, रक्षा मंत्री जनरल अजीज नसीरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर मारे गए हैं। ईरान में 40 दिन का शोक घोषित।
अलीरेजा अराफी को अभी सौंपी गई देश की कमान
ईरान में अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को अस्थायी नेतृत्व परिषद में धार्मिक विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया है। यह परिषद नए सर्वोच्च नेता के चुने जाने तक देश का कामकाज संभालेगी। इस समिति में राष्ट्रपति और न्यायपालिका प्रमुख भी शामिल हैं।

