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    Home»देश»पैक्स सिलिका में शामिल हुआ भारत, साझेदारी से चीन को लगेगी मिर्ची
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    पैक्स सिलिका में शामिल हुआ भारत, साझेदारी से चीन को लगेगी मिर्ची

    adminBy adminFebruary 21, 2026No Comments2 Views
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    नई दिल्ली 21 फरवरी। भारत के पैक्स सिलिका में शामिल होने से सबसे बड़ा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि चीन के एकाधिकार और आपूर्ति शृंखला की बाधाओं के कारण चिप की कीमतों में जो कृत्रिम उछाल रहता था, वह अब खत्म होगा। खनिजों की सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी आपूर्ति होने से चिप निर्माण की लागत कम होगी। इसका सीधा लाभ स्मार्टफोन, लैपटॉप से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक को मिलेगा, जिससे उनकी कीमतें कम होने का रास्ता साफ होगा।

    भारत अब अमेरिकी पैक्स सिलिका के साथ जुड़ गया है और इससे देश को कई बड़े फायदे होने वाले हैं. इसके जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर सेमीकंडक्टर तक और AI से लेकर रेयर अर्थ मेटल्स सेक्टर में बूम आएगा और चीन पर निर्भरता में कमी आएगी.

    अमेरिका ने पैक्स सिलिका गठबंधन की रूपरेखा तैयार करते समय भारत को इसमें शामिल नहीं किया था। विशेषज्ञों का मानना था कि भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता अभी शुरुआती स्तर पर है। हालांकि, बीते दो वर्षों में भारत ने जिस तेजी से 10 सेमीकंडक्टर संयंत्र (एफएबीएस) स्थापित करने की ओर कदम बढ़ाए और 2 नैनो मीटर चिप डिजाइनिंग में महारत हासिल की, उसने अमेरिका सहित अन्य देशों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा के बिना वैश्विक आपूर्ति शृंखला की सुरक्षा अधूरी है। भारत का इस समूह में आना यह सुनिश्चित करता है कि देश को कच्चे माल के लिए चीन का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा।

    आपूर्ति शृंखला को हथियार बनाना मंजूर नहीं: वैष्णव
    केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दो-टूक कहा कि भारत और अमेरिका का इस घोषणापत्र पर साथ आना दुनिया को संदेश है कि हम आपूर्ति श्रृंखला को हथियार बनाने की कोशिशों को नकारते हैं। उन्होंने कहा, 20वीं सदी तेल और इस्पात की थी, लेकिन 21वीं सदी सिलिकॉन और दुर्लभ खनिजों की है। इस उभरते तंत्र को आने वाले समय में 10 लाख कुशल पेशेवरों की जरूरत होगी और यह पूरी मानव शक्ति भारत से ही आएगी। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी जीत बताया।

    वैश्विक बिरादरी में बढ़ा कद
    अमेरिकी विदेश उप मंत्री जैकब हेलबर्ग ने भारत की भागीदारी को रणनीतिक जरूरत बताया। इस गठबंधन में भारत अब ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

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