Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • अमरनाथ यात्रा सेवा समिति भंडारा सामग्री भेजेगी
    • जनता का पैसा लोन के रूप में देकर उसे वसूलने की असरदार कोशिश न करना मंजूर नहीं : सुप्रीम कोर्ट
    • लकड़ी माफिया से ही मृत गुलदार को जलाने के लिए कटवा दिए प्रतिबंधित पेड़
    • गोमांस सप्लाई पर पूर्व केंद्रीय मंत्री का भाई गिरफ्तार
    • शामली में नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती 19 लोग फरार
    • बॉबी देओल कमाल दिखा रहे हैं निगेटिव रोल में
    • इंजीनियर ने लगाया ट्रस्टी डा0 अनिल मिश्रा पर कमीशन लेने का आरोप
    • सरकार चंदा विवाद पर कार्रवाई करने से बच रही : अजय राय
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»पिता या मां सरकारी नौकरी में तो अनुकंपा नियुक्ति गलत
    देश

    पिता या मां सरकारी नौकरी में तो अनुकंपा नियुक्ति गलत

    adminBy adminSeptember 17, 2025No Comments7 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    प्रयागराज, 17 सितंबर। इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने मां के सरकारी सेवा में रहने का तथ्य छिपाकर पिता की जगह मृतक आश्रित में नौकरी पाने वाले पुत्र के पक्ष में एकल पीठ के निर्णय पर रोक लगा दी है। खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश के विरुद्ध दाखिल राज्य सरकार की विशेष अपील स्वीकार कर ली है।

    कोर्ट न यह आदेश पंचायती राज विभाग की ओर से दाखिल विशेष अपील पर दिया है। अपील में एकल पीठ के गत 18 अप्रैल के आदेश को चुनौती दी गई थी। मामले के तथ्यों के अनुसार जिला पंचायत राज अधिकारी बस्ती ने 28 अगस्त 2021 को याची राहुल की मृतक आश्रित में हुई नियुक्ति समाप्त कर दी थी। सेवा समाप्त करने का आधार लिया गया था कि राहुल ने पिता की मृत्यु के बाद उनके आश्रित के रूप में नौकरी पाने के लिए इस तथ्य को नहीं बताया कि उसकी मां बतौर सहायक अध्यापक सरकारी नौकरी में है।

    एकल पीठ के समक्ष याची का कहना था कि उसने जो फार्म मृतक आश्रित कोटे में नौकरी के लिए भरा था, उसमें ऐसा कोई कॉलम नहीं था, जिसमें मां की नौकरी का उल्लेख करना जरूरी था. उसका कहना था कि उसने कोई तथ्य नहीं छिपाया है. यह भी कहा गया कि उसे नौकरी करते 10 साल से ऊपर हो गया था, ऐसी स्थिति में भले ही अवैध नौकरी हो उसे सेवा से हटाना गलत है.

    विशेष अपील में सरकार का कहना था कि मृतक आश्रित कोटे में नौकरी की पहली शर्त यह है कि मृतक कर्मचारी यदि पति है तो पत्नी और यदि पत्नी है तो पति, सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए. कहा गया कि यह प्रावधान मृतक आश्रित सेवा नियमावली के नियम 6 में दिया गया है. मां सरकारी नौकरी में टीचर के रूप में कार्यरत है यदि पहले से याची ने बता दिया होता तो उसे मृतक आश्रित कोटे में नौकरी नहीं मिल सकती थी. यही कारण है कि याची ने इसे जानबूझकर छिपा लिया और पिता की जगह सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली.

    prayagraj tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    अमरनाथ यात्रा सेवा समिति भंडारा सामग्री भेजेगी

    June 20, 2026

    जनता का पैसा लोन के रूप में देकर उसे वसूलने की असरदार कोशिश न करना मंजूर नहीं : सुप्रीम कोर्ट

    June 20, 2026

    लकड़ी माफिया से ही मृत गुलदार को जलाने के लिए कटवा दिए प्रतिबंधित पेड़

    June 20, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.