राजकोट, 16 जनवरी। विराट कोहली का नाम आते ही भारतीय क्रिकेट में बहस अपने आप तेज़ हो जाती है। हाल ही में पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर के एक बयान ने ऐसी ही चर्चा को जन्म दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़कर वनडे को इसलिए चुना क्योंकि यह “खेलने का सबसे आसान फॉर्मेट” है। इस टिप्पणी पर अब पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने न सिर्फ इस सोच का विरोध किया, बल्कि कोहली की महानता और निरंतरता का मजबूती से बचाव भी किया।
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने संजय मांजरेकर के उस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़कर वनडे को श्खेलने का सबसे आसान फॉर्मेटश् चुना है। हरभजन ने मांजरेकर के विचारों को अनुचित और उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक चीजों का अपमानजनक बताया। उन्होंने कोहली की स्थिति और निरंतरता का बचाव किया।
हरभजन सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा कि किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना कभी भी आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना इतना आसान होता, तो हर कोई यह कर लेता। आइए बस उनका आनंद लें जो लोग कर रहे हैं। वे अच्छा खेल रहे हैं मैच जीत रहे हैं रन बना रहे हैं और विकेट ले रहे हैं। यही मायने रखता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सा फॉर्मेट कौन खेलता है। विराट, चाहे वह एक फॉर्मेट खेलें या सभी फॉर्मेट, भारत के लिए एक शानदार खिलाड़ी और एक बड़े मैच विनर रहे हैं।
हरभजन ने विराट कोहली को भारत का एक भरोसेमंद मैच-विनर बताते हुए कहा कि उन्होंने हर फॉर्मेट में देश के लिए अहम योगदान दिया है। चाहे कोहली एक फॉर्मेट खेलें या तीनों, उनकी काबिलियत पर कोई शक नहीं किया जा सकता। हरभजन ने यह भी कहा कि कोहली ने बड़े मैचों में बार-बार साबित किया है कि वह दबाव में भी टीम को जीत दिला सकते हैं।
उन्होंने भारतीय क्रिकेट पर कोहली के प्रभाव और युवा खिलाड़ियों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उनकी भूमिका पर जोर दिया। हरभजन ने कहा कि वे अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। मांजरेकर की अपनी सोच है। जिस तरह से मैं इसे देखता हूं, विराट और ये खिलाड़ी इस खेल को आगे बढ़ाने में एक बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। विराट एक अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं। आज भी, अगर वह टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं, तो वह हमारे मुख्य खिलाड़ी होंगे।
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