ऋषिकेश 22 जनवरी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्र ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक के विमोचन समारोह में शामिल हुए. इस खास मौके पर अमित शाह ने कहा कि सनातन धर्म से आकांक्षा रखने वाला, दुनिया की समस्याओं के समाधान लिए भारतीय संस्कृति की ओर देख रहा है और इस भूमि से प्रेम करने वाला भारत और दुनिया का कोई भी व्यक्ति गीता प्रेस से अनजान नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि पूज्य भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार जी ने गीता प्रेस के माध्यम से लगभग 103 वर्षो से सनातन धर्म की लौ को ताकत देने का काम किया है. उन्होंने करोडों लोगों को भक्ति के माध्यम से आध्यात्म की ओर प्रेरित किया और इस रास्ते पर चलते हुए मोक्ष तक का रास्ता प्रशस्त किया. शाह ने कहा कि पोद्दार जी ने सब कुछ छोड़कर अपना पूरा जीवन गीता प्रेस को समर्पित किया. पोद्दार जी ने गीता प्रेस के माध्यम से हर व्यक्ति और परिवार के हृदय में भारतीय संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा निर्मित करने का काम किया है.
अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं बल्कि पीढ़ियों का निर्माण करने के लिए चलती है. स्वावलंबी तरीके से सद्साहित्य को करोड़ों लोगों तक पहुंचाने का काम गीता प्रेस ने किया है. उन्होंने कहा कि कल्याण एक प्रकार से ज्ञान की सनातन ज्योति को हर वाचक तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है.
शाह ने कहा कि आज सनातन चेतना का उत्सव देश में दिखाई दे रहा है और कल्याण ने हर संकट में भारतीय संस्कृति के दीप को जलाए रखने का काम किया है. उन्होंने कहा कि कल्याण एक पत्रिका मात्र नहीं है बल्कि भारतीयों के लिए आध्यात्मिक जगत का पथप्रदर्शक है. भारत की संस्कृति को अमर करने के लिए बहुत सारे महत्वपूर्ण प्रयासों में से सबसे मज़बूत प्रयास का नाम कल्याण पत्रिका है. उन्होंने कहा कि कल्याण ने अपने 100 साल में सनातन धर्म के अनुयायियों की सज्जनशक्ति को संगठित करने का काम किया है. उन्होंने कहा कि जो भारत को जानते हैं वो गीता प्रेस के अतुलनीय योगदान का मूल्यांकन नहीं कर सकते.
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कल्याण जैसी पत्रिका का 100 वर्ष पूरा करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. अपनी शुरूआत से लेकर आज तक निरंतर कल्याण का एक एक शब्द, वाक्य और अंक, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को समर्पित रहा है. उन्होंने कहा कि गीता प्रेस ने आदि शंकराचार्य जी के उपनिषदों की मीमांसा को लोगों तक पहुंचाकर एक बहुत बड़ा काम किया है. शाह ने कहा कि गीता प्रेस ने चार पीढ़ियों से निरंतर हर पीढ़ी के लिए वही साहित्य बिना किसी प्रकार से डाइल्यूट किए लोकभोग्य बनाने का काम किया है.
अमित शाह ने कहा कि कल्याण ने अब तक सनातन समर्पित 100 विशेषांक प्रकाशित किए हैं. उन्होंने कहा कि 1932 के अंक में श्री कृष्ण को श्रद्धा की दृष्टि से, राजनीतिज्ञ, तत्वज्ञानी और सभी दुष्टों का दमन करने वाले महापुरुष के रूप में एक ही अंक में कल्याण ने लोगों के सामने रखने का काम किया है.
शाह ने कहा कि गीता प्रेस ने कभी अपने प्रचार और धन एकत्रित करने के लिए कुछ नही किया क्योंकि इसका उद्देश्य व्यक्ति-केन्द्रित नहीं बल्कि विचार-केन्द्रित था.

