फिरोजाबाद 21 फरवरी। जिले में एक अंतरराष्ट्रीय विवाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. जयपुर की एक जर्मन कम्पनी में जॉब के दौरान जर्मन के जेंटलमेन से भारतीय छोरी को प्यार हुआ और दोनों शादी के बंधन में बंध गए. सात समंदर पार जर्मनी से आया दूल्हा गुस्ताफ भारतीय परंपराओं में रंगकर अपनी दुल्हन खुशी के साथ सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंध गया. इस ऐतिहासिक शादी के गवाह बनने के लिए सैकड़ों लोग समारोह में शामिल हुए.
पूरे कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपरा देखने को मिली और विदेशी मेहमानों का उत्साह भी देखने लायक था. दूल्हा गुस्ताव शेरवानी और साफा पहनकर बिल्कुल भारतीय दूल्हे की तरह नजर आए. खास बात यह रही कि उन्होंने अपने हाथों में पत्नी खुशी के नाम की मेहंदी भी रचाई. वहीं दुल्हन खुशी लाल जोड़े में बेहद खूबसूरत लग रही थीं. विवाह की सभी रस्में, वरमाला, सात फेरे और विदाई भी पूरी तरह हिंदू रीति रिवाज, भारतीय संस्कृति, विधि-विधान से संपन्न कराई गई, साथ ही जर्मन परंपराओं की भी झलक देखने को मिली.
दुल्हन की चाची ज्योति ने बताया कि खुशी जयपुर में एक जर्मन कंपनी में जॉब करती है. वहीं गुस्ताफ का आना-जाना हुआ और दोनों की पहली मुलाकात जयपुर में हुई. बाद में यह मुलाकात दोस्ती और फिर रिश्ते में बदल गई.
गुस्ताफ ने बताया कि साल 2023 में वह भारत घूमने आए थे. उन्होंने राजस्थान, दिल्ली और आगरा की यात्रा की. जयपुर के एक होटल में ठहरने के दौरान उनकी मुलाकात खुशी से हुई, जो कि उस समय स्विमिंग पूल में तैराकी सीख रही थी. वहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और रिश्ता आगे बढ़ा.
शादी में जर्मनी से आए मेहमानों ने भारतीय रस्मों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. भाषा की कोई बाधा न हो, इसके लिए 4 ट्रांसलेटर की व्यवस्था की गई थी. विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति और आतिथ्य से अभिभूत नजर आए. उन्होंने भारतीय विवाह परंपराओं को यादगार अनुभव बताया.
वहीं जब दूल्हे गुस्ताफ से भारत और यहां की मेहमाननवाजी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि भारत एक विशाल और विविधताओं से भरा देश है. हर शहर अलग है, लोग अलग हैं. कुछ अनुभव अलग-अलग रहे, लेकिन ज्यादातर लोगों ने मुझे और मेरे परिवार को बेहद प्यार और सम्मान दिया. यही बात मुझे भारत के बारे में सबसे ज्यादा पसंद है.

