बश्कोर्तोस्तान 09 फरवरी। रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य में हुई एक गंभीर घटना इस वक्त सुर्खियों में है. यहां एक स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में 15 साल के एक लड़के ने चाकू से हमला किया. यह घटना 7 फरवरी को हुई, जिसमें कम से कम 6 लोग जख्मी हो गए. जिन पर हमला हुआ है, उनमें 4 भारतीय छात्र और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं. इस घटना ने तहलका मचा रखा है और पुलिस इस मामले की जांच-पड़ताल में लगी हुई है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी लड़के का संबंध एक प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन से था. इस संगठन का नाम नेशनल सोशलिज्म / व्हाइट पावर (NS/WP) क्रू, जिसे स्पैरो क्रू भी कहा जाता है. रूस की सुप्रीम कोर्ट ने इस संगठन को साल 2021 में आतंकी संगठन घोषित किया था. यह समूह पहले भी पत्रकारों पर हमलों के लिए चर्चा में रहा है. बताया जा रहा है कि हमले के दौरान आरोपी ने राष्ट्रवादी और यहूदी विरोधी नारे लगाए.
रूस के गृह मंत्रालय के मुताबिक ऊफा स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्रावास में घुसकर वहां रह रहे छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया. इस छात्रावास में विदेशी छात्र रहते है. रूसी टीवी चैनल रेन टीवी से बात करने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमले के बाद इमारत के अंदर चारों तरफ खून फैला हुआ था और छात्रों में अफरा-तफरी मच गई. एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रावास की दीवार पर नाजी स्वास्तिक का निशान बना मिला, जो कथित तौर पर एक पीड़ित के खून से बनाया गया था. गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस का विरोध किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालांकि रूसी अधिकारियों ने अभी तक हमले के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. हमले के दौरान आरोपी ने होलोकॉस्ट से जुड़े राष्ट्रवादी नारे लगाए.
रूस के गृह मंत्रालय ने बताया कि आरोपी ने छात्रावास में कई छात्रों पर चाकू से हमला किया. जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो उसने दो पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने खुद को भी घायल कर लिया. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक एक घायल की हालत गंभीर है, जबकि तीन अन्य स्थिर बताई जा रही है. आरोपी को भी गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह घटना ऊफा शहर में हुई, जो मॉस्को से लगभग 1,200 किलोमीटर दूर है. स्थानीय प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है.

