नई दिल्ली 01 जनवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजधानी दिल्ली के सर्वप्रिय विहार में धन शोधन से जुड़े मामले में छापेमारी कर 5.12 करोड़ रुपए नकद और 8.80 करोड़ रुपए के जेवरात सहित करीब पचास करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। मंगलवार को शुरू हुआ ईडी का यह तलाशी अभियान अभी जारी है।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि पांच करोड़ रुपए की नकदी को गिनने के लिए ईडी को कैश काउंटिग मशीनें मंगानी पड़ी। ईडी ने यह कार्रवाई इंद्रजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी और उनसे जुड़े अन्य लोगों व संस्थाओं के खिलाफ की है। यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत की है। जांच के मुताबिक इंद्रजीत सिंह यादव पर अवैध वसूली, प्राइवेट फाइनेंसर्स से जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के दम पर धमकी देने और अन्य गैर कानूनी गतिविधियों में कमीशन कमाने का आरोप है। इन गतिविधियों से जुड़े पैसों को सफेद करने का शक है।
ईडी ने इंद्रजीत सिंह यादव और उसके साथियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, बीएनएस और आईपीसी की अलग-अलग धाराओं में हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से दर्ज किए गए 15 से अधिक मामलों के आधार पर जांच शुरू की थी। मामले में ईडी ने 30 दिसंबर को इंद्रजीत के करीबी अमन कुमार से जुड़े ठिकाने पर छापेमारी की थी। राजधानी के सर्वप्रिय विहार इलाके में स्थित इस मकान से बड़ी संख्या में नकदी, जेवरात और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
जेम्स ट्यूंस ब्रांड के मालिक और मुख्य नियंत्रक है। यह कंपनी मुख्य रूप से हरियाणवी, पंजाबी, भोजपुरी के अलावा भक्ति संगीत का म्यूजिक प्रोडक्शन करती है। इस कंपनी के कई प्रसिद्ध गाने हैं।
राव इंद्रजीत के इंस्टाग्राम पर 9 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। यूट्यूब पर जेम ट्यून्स हरियाणवी चैनल पर 46 लाख से अधिक, जेम ट्यून्स चैनल पर 7.99 लाख और जेम ट्यून्स ओरिजिनल पर 5 लाख 55 हजार और जेम टयून्स भक्ति चैनल पर 17 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।

