नई दिल्ली, 24 फरवरी। ईपीएफओ के लाखों सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने ईपीएफओ के इनऑपेरटिव अकांउट्स में पड़े अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स को सब्सक्राइबर्स को लौटाने का फैसला किया है। इससे 31 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा। पायलट फेज के तौर पर पहले चरण में 7 लाख सब्सक्राइबर्स को इसका लाभ मिलेगा। लेबर मिनिस्टर मनसुख मांडविया ने कहा कि एक वीकली रिव्यू मीटिंग में यह फैसला लिया गया।
बैंकों की तरह ईपीएफओ भी तीन साल से अधिक समय से निष्क्रिय 31.86 लाख ईपीएफ खाताधारकों को उनके खाते में जमा राशि वापस कर खातों को बंद कर देगा। इन इपीएफ खातो में लगभग 11 हजार करोड़ रूपए की राशि जमा है। इसमें सात लाख लाख से अधिक ईपीएफ खाते ऐसे हैं जिसमें 1000 रुपए से कम की राशि जमा है।
पहले चरण में इन 7.11 लाख खातों में जमा रकम के खातेदारों के बैंक खातों की पहचान कर ईपीएफओ खुद ही इस रकम को उन्हें वापस करेगा। जबकि दूसरे चरण में करीब 25 लाख निष्क्रिय खाताधारकों की राशि आसान प्रक्रियाओं के जरिए उनके बैंक खातों में जमा करा दी जाएगी।
जमाकर्ताओं को उनकी बचत राशि लौटाने के साथ ही ईपीएफओ इस पहल के जरिए अपने यहां निष्क्रिय खातों का बोझ खत्म करना चाहता है। श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में ईपीएफओ के कामकाज की समीक्षा बैठक में निष्क्रिय खातों में जमा राशि वापस लौटाने का फैसला हुआ।
साथ ही तय हुआ कि तीन से लेकर 20 साल तक के निष्क्रिय सभी 31.86 लाख ईपीएफ खातों में जमा राशि लौटाने में कागजी प्रक्रिया को जटिल नहीं बनाया जाएगा और ईपीएफओ खुद पहल कर खाताधारकों को पैसा वापस करेगा।
पहले चरण में एक हजार रुपए से कम राशि वाली 7.11 लाख खाते की रकम लौटाई जाएगी उसमें केवल आधार लिंक बैंक खाते की पहचान कर यह रकम सीधे उनके बैंक खाते में जमा करा दी जाएगी। ईपीएफओ खुद ही यह कदम उठाएगा और खाताधारकों को इसमें कोई कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी। दूसरे चरण में लगभग 25 लाख निष्क्रिय खातों के भुगतान में भी आधार लिंक बैंक खाता की प्रक्रिया ही अपनाई जाएगी।
साथ ही इसमें खाताधारक का जीवन प्रमाणपत्र या उसके जीवित न होने की स्थिति में नॉमिनी या आश्रित उत्तराधिकारी की पहचान सत्यापित कर पूरी राशि उनके खाते में लौटा दी जाएगी। निष्क्रिय खातों की राशि लौटाने के संबंध में श्रम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह ईपीएफ सदस्य की रकम है जिसे सरकार जब्त नहीं कर सकती।
इसलिए जैसे रिजर्व बैंक ने पहल कर लाखों लोगों के सालों से बंद पड़े खाते में जमा हजारों करोड़ रुपए वापस करने की पहल की है उसके मद्देनजर ईपीएफओ ने भी वर्षों से निष्क्रिय लाखों खाताधारकों को उनकी बचत की रकम सीधे उनके बैंक खाते में लौटाने का कदम उठाने का फैसला लिया है। ईपीएफ के आंकड़ों के अनुसार 1000 रुपए से कम 7.11 लाख खातों में कुल 30.52 करोड़ रुपए जमा हैं।
जबकि बाकी बचे करीब 25 लाख खातों में लोगों के 10903 करोड़ रुपए जमा हैं। नियमों के अनुसार तीन साल तक पीएफ खाते में कोई रकम जमा नहीं होती है तो उसके बाद जमा राशि पर ब्याज भी नहीं मिलता और खाते को निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है।
असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बच्चों को अब एक से अधिक छात्रवृत्ति की मिली छूट
श्रम मंत्रालय नए लेबर कोड के अनुरूप कदम उठाते हुए असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बच्चों को केवल एक ही स्कॉलरशिप दिए जाने की पाबंदी हटाने का फैसला किया है। असंगठित क्षेत्र के अल्प वेतन भोगी कामगारों के बच्चों को शैक्षणिक सहायता देने के मकसद से यह पाबंदी खत्म करते हुए तय किया गया है कि मेरिट के आधार पर इस क्षेत्र के कामगारों के बच्चे मेरिट के आधार पर श्रम मंत्रालय से इतर भी मेरिट छात्रवृति ले सकेंगे। अभी नियम था कि मंत्रालय की छात्रवृत्ति लेने के बाद कामगारों के बच्चों के लिए राज्य या केंद्र सरकार की किसी अन्य छात्रवृति के लिए पात्र नहीं माना जाता था।
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