लखनऊ, 02 मई (ता)। प्रदेश में भीषण गर्मी और इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। यदि जरूरत हो तो 15 जून से 30 जुलाई के बीच सूखाग्रस्त घोषित करने की कार्रवाई पूरी करें। स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने हीट स्ट्रोक, लू एवं गर्मी जनित बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों में समुचित व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
गत दिवस कृषि, जलशक्ति, पशुधन, समाज कल्याण एवं उद्यान विभाग के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पूर्व में सूखा प्रभावित रहे 18 जनपदों में विशेष निगरानी रखने, 15 जून से 30 जुलाई के बीच निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिति का समयबद्ध आकलन करने और एनडीआरएफ से सहायता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन से लेकर जनपद स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए और कहा कि आवश्यक जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और डीजीपी को उपलब्ध कराई जाए।
Trending
- मेरठ के पुराना 5 सिविल लाइंस में रिहायशी हाउस नं 268 की भूमि पर कथित कमर्शियल साम्राज्य !
- ‘बांके बिहारी मंदिर चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
- रालोद की पूर्व जिलाध्यक्ष सर्वेश पुंडीर कांग्रेस में शामिल
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्ष में हुई कैबिनेट की बैठक
- प्रशासनिक अधिकारियों ने किया शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पैदल मार्च
- मानक पूरे किये बिना रेस्टोरेंट खोलने पर प्रदर्शन की चेतावनी
- मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई
- 37 साल की देश सेवा के बाद भी भारतीय नागरिक होने का देना पड़ रहा प्रमाण

