लखनऊ 20 फरवरी। निवेशकों को मुनाफे का लालच देकर 110 करोड़ की ठगी करने वाले एनी ग्रुप ऑफ कंपनीज पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) ने फिर कार्रवाई की है. ईडी लखनऊ जोनल कार्यालय द्वारा ग्रुप की 7.30 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की गई हैं.
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, यह जांच अभी जारी है. एजेंसी उन संपत्तियों और संदिग्ध लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है, जहां निवेशकों का पैसा खपाया गया हो सकता है. आने वाले दिनों में एनी ग्रुप से जुड़े कुछ अन्य बड़े नामों पर भी गाज गिर सकती है.
जांच एजेंसी ने दिल्ली, लखनऊ और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित उन जमीनों और भवनों पर एक्शन लिया है, जिन्हें निवेशकों की मेहनत की कमाई को आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के जरिए घुमाकर खरीदा गया था.
ईडी ने जिन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है, वह एनी ग्रुप की कंपनी एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज हैं. लखनऊ, दिल्ली और उत्तरकाशी में जमीन और भवन कुर्क हुए हैं. एक बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट को भी ईडी ने कब्जे में ले लिया है.
ईडी की जांच यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हो रही है. मुख्य आरोपी अजीत कुमार गुप्ता और उसके सहयोगियों ने भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से करीब 110 करोड़ रुपए जुटाए.
जांच में पाया गया कि निवेशकों के पैसे को एनी ग्रुप की विभिन्न फर्जी कंपनियों और आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के माध्यम से इधर-उधर घुमाया गया. अंततः उनसे निजी संपत्तियां खरीदी गईं.
इस मामले में यह ईडी की पहली कार्रवाई नहीं है. इससे पहले भी ईडी ने अजीत कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी IFS अधिकारी निहारिका सिंह की 9.1 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की थी. अब तक इस घोटाले में कुल 16.4 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं.

