अमेरिका इजराइल और ईरान की शुरु हुई जंग के बाद पूरी दुनिया में जो गैस आदि को लेकर हाहाकार सा मचा हुआ है मुझे लगता है कि जितना सुनने को मिल रहा है इतना अभाव है नहीं तो फिर यह स्थिति क्यों हो रही है और यह क्यों सुनने को मिल रहा है कि हजार रुपये से कम का सिलेंडर बिक रहा है २२०० रुपये में। मुझे लगता है कि जो यह अफरा तफरी गैस सिलेंडर को लेकर दिखाई दे रही है वो गैस एजेंसी के संचालकों और डिलीवरी मैनों द्वारा कालाबाजारी में चोर दरवाजे से घरेलू गैस के सिलेंडर बेेचे जा रहे हैं और आम आदमी की बुकिंग बंद कर दी गई है वो अफरा तफरी का कारण है। पीएम से लेकर डीएम तक सब बता रहे हैं कि तेल और गैस की कोई कमी नहीं है लेकिन फिर भी रोज एक नई अफवाह इस नाम पर सुनने को मिलती है आखिर क्यों। इतना ही नहीं गैस गोदामों और बुकिंग एजेंसियों के बाहर सिलेंडर को लेकर जो लंबी लाइनें लगी हुई हैं। आखिर क्या कारण है जबकि ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था है तो एजेंसी संचालक बुकिंग ऑनलाइन क्यों नहीं कर रहे। उप्र के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी डरीएम को कालाबाजारी व जमाखोरी तथा अफवाहें रोकने के निर्देश दिए हैं। फिर भी अफवाहें सुनाई दे रही हैं क्येां। मेरा मानना है कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर प्रतिबंधित होने से व्यवस्था ज्यादा खराब हो रही है क्योंकि मौखिक चर्चा अनुसार होटल वाले दो हजार और २२०० रुपये में सिलेंडर खरीद रहे हैं और आम आदमी एजेंसी की लंबी लाइन में खड़ा है। यह भी गैस क कमी की अफवाह का मुख्य कारण कह सकते हैं। स्कूलों में बच्चों के मिड डे मील भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में आम आदमी बिना खाए पिए एजेंसी खुलने से पहले लाइन में जाकर लगेगा तो मोहल्लों में जाकर कुछ तो बताएगा। यही अफवाहों का प्रमुख कारण बन जाता है। कुछ स्थानों पर भीडु को काबू करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ रही है। जानकारों का कहना है कि फिरोजाबाद आदि औद्योगिक जिलों में गैस की किल्लत का बुरा असर पड़ रहा है। इसके बावजूद आनलाइन व्यवस्था क्यों नहीं सुधर रही क्योंकि जब तक इसमें सुधार नहीं होगा तो कुछ तो शोर मचेगा ही। यह अच्छी बात है कि शादी विवाह में गैस की समस्या को देखते हुए खाना बनाने के लिए भटिटयों का उपयोग और मेहमानों की संख्या में कटौती के अच्छे परिणाम निकलकर सामने आ सकते हैं। बिजली से चलने वाले चूल्हों का भी दुकानों पर अभाव दिखाई दे रहा है। एक सवाल यह भी है कि आम आदमी को सिलेंडर नहीं मिल रहे वहीं कॉमर्शियल में घरेलू गैस सिलेंडर खुलेआम इस्तेमाल हो रहे है लेकिन इसे रोकने वाले अधिकारी कहां सोए हैं यह किसी को नहीं पता। गैल कंपनी को २० प्रतिशत गैस कम करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर सीएम योगी ने आदेश दिए हैं कि गैस किल्लत की अफवाह से लोग बचें और अगर कोई फैलाता दिखे तो आवश्यक कार्रवाई की जाए। कुछ खबरों से यह भी पता चलता है कि एलपीजी बुकिंग १५ दिन बाद हो रही है। इस समस्या को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच नोकझोंक के बीच राहुल ने चेतावनी दी और इस समस्या को लेकर विपक्षी सांसदों ने घमासान किया हुआ है। पीएम मोदी का कहना है कि एलपीजी संकट की अफवाह फैलाने वालों पर निगाह रखें। यूपी के सीएम योगी ने कहा कि कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं।
क्योंकि गैस के संकट से निपटने के लिए ८० लाख लीटर कैरोसीन यूपी के लिए आवंटित की गई है। इसलिए कोई बहुत घबराने की बात नहीं है। वो बात अलग है कि गैस के युग में अब कैरोसिन का उपयोग कर कार्य निपटाए जा सकते हैं। जहां तक दिखाई दे रहा है अभी पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है। क्योंकि पेट्रोल पंपों पर कोई भीड़ नजर नहीं आ रही है। सवाल उठता है कि हर जिम्मेदार व्यक्ति कह रहा हे कि गैस की कोई कमी नहीं है। लोग पैनिक के कारण लाइने लगा रहे हैं। अगर किल्लत नहीं है तो एलपीजी की बुकिंग २१ दिन से बढ़ाकर २५ दिन क्यों कर दी गई। मुझे लगता है कि यह मुददा देशव्यापी है और इससे निपटने के लिए डीएम जितनी मेहनत कर रहे हैँ उतनी अन्य अधिकारियेां को भी करने के लिए मजबूर किया जाए। इसके लिए मेरे सुझाव है कि जिला पूर्ति अधिकारियों और पेट्रोलियम विभाग के अधिकारियों को बाजारों में भेजा जाए और वो समस्याएं देखकर उन्हें दूर कराने का प्रयास करें और इसकी रिपोर्ट डीएम को दें। गैस की बुकिंग तुरंत शुरु कराई जाए जिससे लोगों को बुकिंग होने की तसल्ली रहे। जिससे इस आफत में कमी आ सके क्योंकि घरों में पांच सात दिन का एवरेज बना रहता है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरु कराई जिससे ब्लैक में सिलेडर लेने बंद होंगे और आपूर्ति में सुधार होगा। घरेलू गैस की कीमत और बढ़ा दी जाए। आपूर्ति और पेट्रोलियम विभाग के लोग गैस एजेंसियों के गोदामों और कार्यालय में जांच करे तो यह बात विश्वास से कही जा सकती है अफरा तफरी में कमी आ सकती है। पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी जो कह रहे हैँ वो सही सिद्ध हो सकता है। आपूर्ति में सुधार होगा तो भीड़ लगनी बंद हो जाएगी। कुछ दिनों के लिए घरेलू गैस के कॉमर्शियल इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए। इनका काम बिजली के चूल्हे से हो सकता है। मुनाफे में कमी हो सकती है लेकिन देशहित में सबको सोचना होगा।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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