मेरठ 09 मई (प्र)। भीषण गर्मी के बीच अब प्रदेशवासियों को तय समय पर बिजली कटौती झेलनी पड़ेगी। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन से जुड़े प्रणाली नियंत्रण विभाग की ओर से 1 मई से पूरे प्रदेश में रोजाना 2 घंटे 30 मिनट बिजली कटौती लागू करने का आदेश जारी है, जोकि 31 मई तक व्यवस्था लागू रहेगी। मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
आदेश के अनुसार, मेरठ मंडल के अलावा, अमरोहा, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर, संभल और मुरादाबाद जैसे जिलों के तहसील मुख्यालयों और नगर पंचायतों में तय शेड्यूल के अनुसार बिजली सप्लाई रोकी जाएगी। मोदीपुरम एएलडीसी क्षेत्र के लिए प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8:30 बजे तक और दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक बिजली कटौती निर्धारित की गई है। नगर पंचायत क्षेत्रों में भी
अलग-अलग समय पर कटौती लागू रहेगी। ऊर्जा विभाग का कहना है कि यह फैसला बढ़ती बिजली मांग, ग्रिड सुरक्षा और केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) के निदेशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ प्रदेश में बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है, जिससे लोड प्रबंधन के लिए नियंत्रित कटौती जरूरी हो गई है।
ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज के बीच नई कटौती व्यवस्था लागू
हालांकि, उपभोक्ताओं में इस फैसले को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। मेरठ में पहले से ही ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और अनियमित कटौती की शिकायतें बनी हुई हैं। ऐसे में तय कटौती लागू होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यापार, पढ़ाई और छोटे कारोबारों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऊर्जा विभाग ने सभी वितरण और पारेषण इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि कटौती का शेड्यूल स्थानीय स्तर पर समय से लागू कराया जाए, ताकि ग्रिड पर दबाव नियंत्रित रखा जा सके।
ग्रिड लोड संतुलन के लिए लागू की गई नई व्यवस्था
बिजली निगम के चीफ इंजीनियर गुरजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश स्तर से जारी आदेश के अनुसार तहसील मुख्यालय और नगर पंचायत क्षेत्रों में रोजाना 21 घंटे 30 मिनट बिजली आपूर्ति दी जाएगी। शेष 2 घंटे 30 मिनट की कटौती तय शेड्यूल के अनुसार लागू रहेगी। कटौती की टाइमिंग आदेश में पहले से निर्धारित कर दी गई है, जिसे स्थानीय स्तर पर लागू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था ग्रिड पर बढ़ते लोड को नियंत्रित करने के लिए की गई है।

