बहराइच, 10 जनवरी। तंत्र मंत्र के चक्कर में 10 वर्षीय बच्चे की बलि देने के मामले में चचेरे भाई को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। दोषसिद्ध ने अपने बेटे को बीमारी से निजात दिलाने को चचेरे भाई को बेरहमी से कत्ल कर दिया था। न्यायालय चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने उसे यह सजा सुनाई है। दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है।
बहराइच के नानपारा थाना क्षेत्र के ग्राम परसा अगैया के रहने वाले किशुन पुत्र राममिलन ने 23 मार्च 2023 को थाने में तहरीर दी थी. तहरीर में कहा था कि वह रिश्तेदारी के निमंत्रण में गए हुए थे. जब वह घर वापस आए तो उनके 10 वर्षीय बेटे विवेक वर्मा का शव खेत में पड़ा मिला. उनके बेटे के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे.
जब पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की तो तीन लोगों को आरोपी बनाया. पुलिस ने बताया कि मामले में अनूप वर्मा निवासी ग्राम परसा अगैया व चिंताराम, जंगली के नाम सामने आए थे. अनूप ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे सत्यम की तबीयत आए दिन खराब रहती थी. इस पर तांत्रिक जंगली ने कहा कि अगर वह नरबलि देता है तो उसकी बेटे की तबीयत सही हो जाएगी. इसके बाद अनूप वर्मा व चिंता राम समेत अन्य लोगों ने मिलकर चचेरे भाई विवेक वर्मा की हत्या कर शव को खेत में ही फेंक दिया था.
मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था. इस पर करीब 2 साल चल ट्रायल के बाद चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने शुक्रवार को चिंताराम व जंगली को इन आरोपों में दोष मुक्त कर दिया. वहीं, इस मामले में अनूप वर्मा को दोषी पाते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई.
एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि कोर्ट मुहर्रिर महिला हेड कांस्टेबल निशा यादव व पैरोंकार निसार अहमद की पैरवी के चलते आरोपी को सजा मिली. आरोपी को मृत्यु दंड के साथ एक लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया गया है. अर्थदंड अदा न करने पाने पर 1 वर्ष की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है.

