१६६ दिन तक चले मततदान गहन पुनरीक्षण अभियान एसआईआर लगभग पूरा हो गया है। गत दिवस मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अंतिम मतदाता सूची जारी करते हुए कहा कि पूर्ण प्रक्रिया के बाद २ करोड़ से ज्यादा मत कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुल ३.२६ करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। सुनवाई के दौरान ३५० लाख मतदाता संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन ६ जनवरी को हुआ था जिसमें १२.५५ करोड़ मतदाता थे। अंतिम मतदाता सूची में ८४.२८ लाख मतदाता बढ़ते हैं। अभियान के दौरान प्रयागराज, लखनऊ बरेली गाजियाबाद व जौनपुर में सबसे ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। सबसे ज्यादा कटने वाले जिलों में लखनऊ गाजियाबाद कानपुर गौतमबुद्धनगर व मेरठ शामिल हैं। खबर के अनुसार एसआईआर में यदि कोई निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से असंतुष्ट है तो २५ अप्रैल तक डीएम के यहां अपील कर सकता है। अगर वहां से संतुष्ट नहीं है तो ३० दिनों के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। कौन अपील करता है कौन नहीं वो अलग बात है लेकिन जिस प्रकार से मेरठ में वोट कटे और उसमें भी जैसा पढ़ने को मिल रहा है उसके हिसाब से सबसे ज्यादा वोट भाजपा के गढ़ कैंट विधानसभा क्षेत्र में घटने की बात सामने आ रही है और उससे बड़ी बात कि प्रकाशित मतदाता सूचियों के हिसाब से कुछ सीटों पर लिंगानुपात अच्छा रहा है तो कुछ में कमी भी आने की बात सामने आ रही है। सही गलत तो निर्वाचन से संबंधित अधिकारी, नेता व चुनावी लड़ने के इच्छुक लोग ही पता कर सकते हैं मगर जितना पढ़ने सुनने को मिल रहा है उससे यह जानकारी हो रही है कि भाजपा के अभेद्य कुछ जिलों में बड़ीं सेंध लगी है जिससे समीकरण बिगड़ सकते हैं और यह अभियान कराने वालों के लिए उल्टा पड़ सकता है। फिलहाल मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है जिसके आंकड़े आने के बाद मेरठ कैंट विधानसभा जो दूसरी बड़ी विधानसभा सीट मतदाता संख्या के हिसाब से थी अब तीसरे स्थान पर और किठौर दूसरे स्थान पर आ गई है। इन सब तथ्यों को देखकर यह कहा जा सकता है कि यूपी विधानसभा २०२७ को ध्यान में रखकर चुनाव लड़ने के इच्छ़ुक व्यक्तियो को अभी से अपने चुनाव क्षेत्र में जाकर तैयारी को अंतिम रुप देना होगा क्योंकि जो वोट कटे हैं उनकी भरपाई आवश्यक है और जहां बढ़े हैं वहां नए मतदाताओं से संपर्क किया जाना जरुरी है। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि पार्टी के जनाधार के साथ अब उम्मीदवार और उनके समर्थकों को भी बड़ा प्रयास करना होगा जीत का सेहरा बांधने के लिए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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