वृंदावन, 19 फरवरी। बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन को लेकर बुधवार को दिन भर हंगामा चला। सेवायतों ने जगमोहन से ठाकुरजी के दर्शन का विरोध किया। स्थिति संभालने के लिए कमेटी ने गर्भ गृह पर ताला लगा दिया। शाम को दर्शन से पहले ताला खोलकर गर्भ गृह से दर्शन कराए गए। वहीं भगवान आज सुबह से जगमोहन यानी गर्भगृह के बाहर के परिसर में विराजमान हैं।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर कमेटी की मंगलवार को हुई बैठक में ठाकुर जी के दर्शन जगमोहन से कराने का निर्णय लिया गया था। बुधवार सुबह इसके तहत मंदिर सेवायत व कमेटी सदस्य श्रीवर्धन गोस्वामी ने आराध्य के श्रीविग्रह को जगमोहन में विराजित कर भक्तों को दर्शन सुलभ कराए। सुबह तो विरोध नहीं हुआ, लेकिन मंदिर के पट बंद होते ही गोस्वामी समाज ने जगमोहन से दर्शन को नई परंपरा बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। गोस्वामी समाज के लोग मंदिर कार्यालय में इकट्ठा होने लगे। ये देख कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार, मुकेश मिश्रा व अन्य सदस्य मंदिर पहुंचे। जहां गोस्वामी करीब डेढ़ घंटे की वार्ता के दौरान अपनी बात पर अड़े रहे। इस पर कमेटी ने एहतियात बरतते हुए गर्भगृह के गेट पर ताला लगा दिया। शाम को 4:30 बजे से शयनभोग सेवा में दर्शन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले सुनील गोस्वामी ने कहा कि वह गर्भ गृह में ही पूजा सेवा करते रहेंगे। इसके बाद कमेटी अध्यक्ष और सदस्य चले गए।
इसके बाद गोस्वामीजनों ने विरोध तेज करते हुए गर्भ गृह के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ श्रद्धालुओं ने खुद को जंजीरों से जकड़कर प्रदर्शन किया।
मंदिर सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि मंदिर के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जब गर्भ गृह पर किसी ने ताला लगा दिया। सेवायत रजत गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मंदिर की हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी मनमानी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना कर रही है। परंपराएं तोड़ी जा रही हैं। अवध विहारी गोस्वामी ने कहा कि ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बुधवार का दिन काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने कहा कि सभी हिन्दू मंदिरों में आराध्य प्रभु वास्तुगत आधार पर बने गर्भ गृह में ही विराजते हैं।

