नई दिल्ली 14 जनवरी। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भारत को अब रॉकेट-मिसाइल फोर्स की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को ऐसी फोर्स चाहिए, जिसमें रॉकेट और मिसाइल दोनों की क्षमताएं मौजूद हों। चीन और पाकिस्तान पहले ही इस तरह की फोर्स खड़ी कर चुके हैं।
सेना दिवस से पूर्व वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारत पिनाका रॉकेट सिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है। इसकी मारक क्षमता 120 किमी तक है। प्रलय सहित अन्य रॉकेट और मिसाइल प्रणालियों पर भी काम चल रहा है। मौजूदा हालात में रॉकेट और मिसाइल फोर्स जरूरत बन चुकी है तथा सरकार भी इस पर सहमत है। अब फैसला यह होना है कि यह फोर्स सेना के भीतर रहेगी या रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में होगी।
इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप के गठन को मंजूरी
सेना प्रमुख ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना ने तैयारियों में कई अहम बदलाव किए हैं। हाल में सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप के गठन को मंजूरी दी गई है। मेजर जनरल स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में सेना की 16 यूनिटों को मिलाकर ऐसे समूह बनाए जाएंगे, जिनके लिए दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। जनरल द्विवेदी ने बताया कि भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भैरव, शक्तिमान, दिव्यास्त्र और रुद्र ब्रिगेड जैसी इकाइयों के गठन की प्रक्रिया चल रही है। ट्रेनिंग कमांड का विस्तार किया जा रहा है, ताकि सेना चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सके। सेना प्रमुख ने कहा कि सैनिकों की तैनाती में भी बदलाव हैं। रॉकेट फोर्स सेना की स्पेशल यूनिट होती है, जो लंबी दूरी की मिसाइलों और रॉकेट हथियारों का संचालन, नियंत्रण में इस्तेमाल की जाती है। यह ड्रोन-मिसाइल हमलों का त्वरित जवाब देती है।
क्या है रॉकेट मिसाइल फोर्स?
रॉकेट मिसाइल फोर्स या इंटीग्रेटेड रॉकेट फोर्स (IRF) सेना की एक ऐसी विशेष विंग होगी, जो लंबी दूरी की पारंपरिक (गैर-परमाणु) मिसाइलों और रॉकेट प्रणालियों के संचालन का काम करेगी. वर्तमान में भारत की परमाणु मिसाइलों का नियंत्रण स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) के पास है. आईआरएफ के गठन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक युद्ध की स्थिति में दुश्मन के कमांड सेंटर्स, एयरफील्ड्स और रसद ठिकानों को बिना परमाणु युद्ध शुरू किए तबाह करना है. बीते साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने कुछ ऐसी ही क्षमता प्रदर्शन किया था. एक लाइन में इस रॉकेट मिसाइल फोर्स का मतलब है कि इनके पास तीनों सेनाओं की मिसाइलों और रॉकेटों का एक्सेस होगा. ये मिसाइलों और रॉकेटों का प्रबंधन करेंगे और उनका ऑप्टिमम इस्तेमाल कर सकेंगे.

