मेरठ 08 मई (प्र)। प्रदेश में अब नया बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के पोस्टपेड मोड में ही मिलेगा। प्रदेशभर में अब तक 83 लाख से अधिक प्रीपेड मोड में किए जा चुके स्मार्ट मीटर को फिर से पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। इसमें मेरठ के दो लाख से अधिक उपभोक्ता शामिल हैं। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को पहले की तरह जून से बिल देने के संबंध में पावर कारपोरेशन के एमडी ने सभी डिस्काम के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए हैं।
मई में उपभोग की गई बिजली का बिल उपभोक्ताओं को 10 जून तक एसएमएस या वाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। उपभोक्ताओं को अगले 15 दिन में बिल जमा करने की सुविधा मिलेगी। 15 दिन में बिल न जमा करने पर अगले सात दिन में कनेक्शन काट दिया जाएगा। 30 अप्रैल तक के बकाए बिल का घरेलू उपभोक्ता 10 किस्तों में जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ता तीन किस्तों में विलंब अधिभार सहित जमा कर सकेंगे।
मेरठ जनपद में शहरी क्षेत्र में एक लाख आठ हजार और ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख प्रीपेड स्मार्टमीटर उपभोक्ता हैं। प्रीपेड मीटरों को लेकर जनपद के उपभोक्ता लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे थे। पुरानी मोहन पुरी की महिलाओं ने सामान्य रूप से सात से एक हजार रुपये के बिलों के प्रीपेड में कन्वर्जन के बाद तीन चार हजार रुपये तक दिए जाने की बात कहते हुए हंगामा किया था।
इसके बाद महिलाओं ने घरों में लगे प्री पेड मीटर उखाड़ कर मोहनपुरी बिजली उपकेद्र पर डाल दिए थे। विपक्षी दल और किसान संगठन आए दिन प्री पेड स्मार्ट मीटर का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।
तकनीकी दिक्कतों के चलते स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने चार मई को प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था को समाप्त करने की घोषणा की थी।
गुरुवार को कारपोरेशन के एमडी नितीश कुमार ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में परिवर्तित करने संबंधी निर्णय के बारे में बताते हुए निर्देश दिए गए हैं। अब सभी नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के माध्यम से पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे।
मई में बिजली खपत संबंधी बिल पोस्टपेड पद्धति में उपभोक्ताओं को 10 जून तक एसएमएस या वाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएं। स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि स्मार्ट मीटर की आटोमैटिक रीडिंग न उपलब्ध होने पर मैनुअल रीडिंग कर अनिवार्य रूप से 10 तक बिल उपलब्ध कराया जाए। उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन नंबर रजिस्टर्ड न हो या गलत हो तो उसे डिस्काम के संबंधित वाट्सएप नंबर पर कनेक्शन संख्या के माध्यम से अपडेट कराने के बारे में बताया जाए। 1912 के माध्यम से भी बिल हासिल किया जा सकेगा।

