त्रिवेदीगंज (बाराबंकी) 09 अप्रैल। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार आधी रात एक महिला सड़क पर आकर लेट गई। जिसको रात भर वाहन रौंदते रहे, शव क्षतविक्षत हो गया और खून से सने टायरों के निशान दूर तक बन गए। मौके के दृश्य बयां कर रहे थे, कि किस प्रकार रात भर मानवता को रौंदा गया है। बुधवार सुबह पुलिस ने शव के अवशेष को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पेट्रोलिंग करने वाली यूपीडा टीम बेखबर रही।
यह दर्दनाक घटना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर लोनीकटरा में नरेंद्रपुर मदरहा के पास स्थित कान्हींपुर अंडर पास के मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे हुई। घटना की जानकारी यूपीडा ने बुधवार सुबह करीब छह बजे पुलिस को दी। साढ़े पांच घंटे में सैकड़ों वाहन महिला के शव को रौंदते हुए निकल चुके थे।
पुलिस ने शव की पहचान का प्रयास शुरू किया तो पता चला कि घटना स्थल से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित खेमीपुर गांव से देर रात से एक महिला गायब है। पुलिस ने सूचना गांव भेजी, जहां से पहुंचे राजेंद्र ने शव की पहचान अपनी पत्नी गुड़िया (37) के रूप में किया। मृतका की कमर के नीचे का हिस्सा और हाथ सहित चेहरा पूरी तरह रौंद गया।
पति ने शव पर पड़े कपड़ों से पहचान की। गुड़िया के 13 वर्षीय बेटे रामू ने बताया की शव पर मिली साड़ी मां की है। एसओ अभय मौर्या ने बताया कि सुबह यूपीडा से जानकारी के बाद पहचान के साथ आगे की कार्रवाई की गई। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के सीसी कैमरों में रात करीब डेढ़ बजे महिला सड़क पर आकर लेटते हुए कैद हुई है।
लोनीकटरा के खेमीपुर निवासी राजेंद्र भूमिहीन हैं जो मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। मंगलवार रात किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई, इससे नाराज होकर रात में गुड़िया घर से निकल गई। सुबह गुड़िया का पता न लगने पर परिवारजन तलाश कर रहे थे। लगभग नौ बजे परिवारजन को घटना की जानकारी मिली।

