अयोध्या, 28 जनवरी। जीएसटी विभाग के संभाग ए में कार्यरत डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मीडिया को त्यागपत्र की प्रति भी उपलब्ध कराई। उन्होंने त्यागपत्र मेल से भेजने का दावा भी किया है।
प्रशांत ने त्यागपत्र में कहा है कि वह कई दिनों से मुख्यमंत्री के विरुद्ध शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की अभद्र टिप्पणी से आहत थे। उन्होंने त्यागपत्र में पांच बिंदुओं का उल्लेख किया है।
उन्होंने कहा वह प्रदेश सरकार के कर्मचारी हैं। इससे उन्हें आजीविका मिली है। इससे उनके परिवार का लालन-पालन होता है। यदि कोई प्रदेश सरकार के मुखिया के खिलाफ अनर्गल प्रलाप करता है तो उसका विरोध करना उनका राजकीय धर्म है।
शंकराचार्य की टिप्पणी को वह राज्य, संविधान व लोकतंत्र के विरुद्ध मानते हैं। शंकराचार्य भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरुद्ध एक साजिश है। विगत कई दिन से शंकराचार्य समाज में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं और देश व प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे वह आहत हैं।
वह एक सरकारी सेवक के साथ संवेदनशील व्यक्ति भी हैं। राष्ट्र, संविधान, राज्य, लोकतंत्र, लोकतांत्रिक पद्धति से चुने हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आदि के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी से उनका मन आहत होना स्वाभाविक है। त्यागपत्र स्वीकार होने तक वह राजस्व के वृद्धि के लिए अपने पद और कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।
उन्होंने हर बिन्दु में टिप्पणी से आहत होने, सरकार के समर्थन की बात कही है। कई अफसरों ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।
बताते चले कि उपायुक्त प्रशांत सिंह स्टेट जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) में संभाग-ए का दायित्व संभालते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में अयोध्या के अलावा सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर जिले भी आते हैं। वह मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। जिले में लगभग दो साल से तैनात हैं।

