लखनऊ, 26 मार्च। ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने जल जीवन मिशन परियोजना के कार्यों में लेटलतीफी, लापरवाही करने वाले 26 इंजीनियरों पर निलंबन, विभागीय कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस जैसी कार्रवाइयां की है। निलंबित होने वालों में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर रैंक के 12 अभियंता शामिल हैं। वहीं, चार अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा कार्यों में धीमी प्रगति को लेकर तीन अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं से शिकायत मिलने के बाद सात इंजीनियरों का तबादला कर दिया गया है। जल निगम ग्रामीण के एमडी राजशेखर ने निलंबन आदेश जारी किए हैं।
इन पर निलंबन की कार्रवाई
लखीमपुर खीरी केएक्सईएन अविनाश गुप्ता, जौनपुर के एक्सईएन सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के अएक्सईएन मो. कासिम हाशमी, चंदौली के कार्यवाहक एक्सईएन अमित राजपूत, चंदौली के सहायक अभियंता सीताराम यादव, बिजनौर के सहायक अभियंता अकबर हसन, औरैया के जूनियर इंजीनियर अनुराग गोयल, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चन्द्र, बाराबंकी के जूनियर इंजीनियर अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के कार्यवाहक खंडीय लेखाकार धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं।
चार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
विभाग ने चार इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। इसमें शामली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता फूल सिंह यादव भी शामिल हैं।
सहायक अभियंता विपिन कुमार वर्मा को प्रतापगढ़ से चंदौली स्थानांतरित कर दिया गया है। रामपुर में तैनात मो. असजद को चंदौली, प्रदीप कुमार मिश्रा को बाराबंकी से बिजनौर, उदयराज गुप्ता को चंदौली से रामपुर, अमित कुमार को शामली से बाराबंकी, चन्द्र बोध त्यागी को मैनपुरी से आजमगढ और जूनियर इंजीनियर अजय कुमार को कौशांबी से आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है।

