गाजियाबाद 21 मार्च। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की पुलिस ने 7 राज्यों में आतंकी हमलों की साजिश को नाकाम किया है। जासूसी और रेकी करने वाले गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं। बालिग आरोपितों की पहचान गणेश, गगन, दुर्गेश और विवेक के रूप में हुई है। पहीं अब तक गिरोह के 15 सदस्य पकड़े जा चुके है। पहले गिरफ्तार 6 जासूसों की निशानदेही पर ही अन्य 9 को दबोचा गया है। जांच और पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत में काम करता है।
बता दें कि गाजियाबाद पुलिस ने नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह में भेज दिया है। आरोपियों में एक 9वीं क्लास का स्टूडेंट है। वहीं नाबालिग आरोपियों की उम्र 15 से 17 साल के बीच है। आरोपियों ने 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड भी मिले हैं। आरोपी एक पाकिस्तानी, एक मलेशियाई और एक ब्रिटेन का नंबर इस्तेमाल करते थे। सैन्य ठिकानों, अडाणी-अंबानी जैसी बड़ी हस्तियों के घरों, संवेदनशील जगहों की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान में अपने आका तक भेजते थे।
मार्च की शुरुआत में कौशांबी थाना क्षेत्र में तैनात एक बीपीओ क्षेत्र में गश्त के दौरान एक बाइक मैकेनिक की दुकान पर पहुंचा। वहां कुछ युवक बैठे हुए थे। सामान्य बातचीत के दौरान एक युवक ने बताया कि वह सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करता है।
बातचीत के दौरान उसने यह भी बताया कि उसका एक साथी कैमरे लगाकर फोटो और वीडियो बनाकर रुपये कमाता है। यह जानकारी बीपीओ को संदिग्ध लगी और उसने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी।
पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और मेरठ में सुभारती यूनिवर्सिटी के पास रहने वाले बिजनौर के नहटौर निवासी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो तक पहुंची।
जब पुलिस ने उसका मोबाइल फोन खंगाला तो जांच अधिकारियों के होश उड़ गए। मोबाइल में रेलवे स्टेशन, सैन्य प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों की तैनाती वाले स्थानों के फोटो और वीडियो मिले। इसके साथ ही कई संदिग्ध विदेशी नंबरों से बातचीत के साक्ष्य भी सामने आए।
पूछताछ में खुलीं गिरोह की परतें
सुहेल मलिक से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि यह कोई एक-दो लोगों का मामला नहीं, बल्कि संगठित तरीके से काम कर रहा गिरोह है।
इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपितों तक पहुंच बनाते हुए भोवापुर निवासी प्रवीन, संभल के ज्ञानपुर सिसौना निवासी इरम उर्फ महक, भोवापुर निवासी राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार को गिरफ्तार किया था।
सुहेल के खुलासे के बाद पंजाब में सुरक्षा बढ़ा दी गई। आरोपियों पर UAPA की धारा लगाने की तैयारी है। सुहैल मलिक उर्फ रोमियो ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के पास बम धमाके के बाद अगला निशाना जालंधर शहर था। लेकिन स्लीपर सेल के पकड़े जाने के बाद ऐसा नहीं हो सका। सुहेल जालंधर जाने के निकला था, लेकिन रास्ते से ही अपन प्रेमिका से मिलने हिमाचल प्रदेश चला गया। हिमाचल से लौटते समय कौशांबी पुलिस ने उसे और उसके5 साथियों को दबोचकर जेल में बंद किया।
गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ निवासी गणेश और गगन कुमार प्रजापति, कौशांबी निवासी विवेक तथा नवी मुंबई निवासी दुर्गेश निषाद को गिरफ्तार किया था। गणेश मूलरूप से नेपाल के लुंबिनी का निवासी है। विवेक मूलरूप से बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 9 और जासूसों को दबोचा।
वहीं पुलिस को अब गिरोह के दो मुख्य आरोपी मुजफ्फरपुर निवासी नौशाद अली और भागलपुर निवासी समीर उर्फ शूटर को तलाश रही है। पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी दुर्गेश ने मुंबई पोर्ट की रेकी करके पाकिस्तान में अपने आका को फोटो-वीडियो और लोकेशन भेजी थी। दुर्गेश मुंबई पोर्ट पर ट्रक चलाता था, इसी दौरान उसने रेकी की। 26/11 आतंकी हमले और 1993 आतंकी हमले में समुद्री रास्तों से ही आतंकी आए थे।

