नई दिल्ली 20 मार्च। सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 वेबसाइट्स-एप्स को ब्लॉक किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक कुल 8400 ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया जा चुका है। इनमें से करीब 4900 वेबसाइट्स ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद ब्लॉक की गई हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई है, वे मुख्य रूप से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े थे। इनके जरिए बड़े स्तर पर अवैध लेनदेन और जुए को बढ़ावा मिल रहा था। इसे रोकने के लिए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि यह कदम डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने खास तौर से उन सिंडिकेट्स का निशाना बनाया है, जो इस तरह की सेवाओं दे रहे थे:
ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग: क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर दांव लगाने वाले अवैध प्लेटफॉर्म को बैन किया गया।
वर्चुअल कैसीनो: स्लॉट मशीन, रूलेट और लाइव डीलर टेबल के जरिए जुआ खिलाने वाली साइट्स पर बैन लगाया है।
बेटिंग एक्सचेंज: पीयर-टू-पीयर (P2P) मॉडल पर काम करने वाले सट्टेबाजी मार्केटप्लेस को प्रतिबंध किया।
सट्टा और मटका नेटवर्क: पारंपरिक सट्टा और मटका को डिजिटल रूप में चलाने वाले अवैध नेटवर्क पर बैन लगाया।
रियल मनी कार्ड गेम्स: असली पैसों वाले कार्ड गेम और कैसीनो एप्स, जो गेमिंग की आड़ में जुआ खिला रहे थे, उनपर भी गाज गिरी है।
आंकड़े बताते हैं कि सरकार अब अवैध गेमिंग को लेकर बेहद सख्त है। अब तक करीब 8,400 वेबसाइट्स और एप्स बंद किए जा चुके हैं। इनमें से 4,900 से ज्यादा प्लेटफॉर्म्स तो अकेले ही ऑनलाइन गेमिंग एक्ट पारित होने के बाद ब्लॉक किए गए हैं। ताजा कार्रवाई के अनुसार 300 नई अवैध वेबसाइट्स को जोड़ा गया है, जिन पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन आंकड़ों को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये अवैध साइट्स अक्सर विदेशी सर्वरों से संचालित होती हैं और यूजर्स का डाटा चोरी करने के साथ-साथ उनके बैंक खातों में भी सेंध लगा सकती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल वे ही गेमिंग प्लेटफॉर्म वैध माने जाएंगे जो सरकारी नियमों और टैक्स ढांचे के भीतर काम करेंगे।

