इटावा 20 मार्च। सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के मानसिक रोग विभाग में भर्ती महिला के साथ सफाई कर्मी ने कई बार दुष्कर्म किया। मेडिकल परीक्षण में महिला के पांच माह की गर्भवती होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके मिश्रा की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपित सफाई कर्मी रवींद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
उसने बताया कि महिला से छह बार वार्ड में कपड़े बदलने वाले स्थान पर उसने दुष्कर्म किया था। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. सोमेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पर्यवेक्षण में शिथिलता के लिए प्रो. एके मिश्रा को भी विभाग से हटाकर कुलपति कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। कुलपति प्रोफेसर डा. अजय सिंह के निर्देश पर नौ सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जो 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट देगी।
विश्वविद्यालय में वर्ष 2022 से बिना पुलिस के सत्यापन कराए ही 350 ठेका सफाई कर्मचारियों के काम करने से सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। मानसिक रोगी लगभग 38 वर्षीय महिला 14 जून 2025 को अज्ञात के रूप में भर्ती हुई थी। वह बोलने, सुनने व समझने में भी अक्षम है। उसकी सुरक्षा व निगरानी की जिम्मेदारी संस्थान पर ही है। 17 मार्च 2026 को नियमित परीक्षण में महिला के गर्भवती होने की जानकारी हुई।
वार्डों में लगे सीसी कैमरों की नियमित मानीटरिंग, समीक्षा व वार्डों में बतौर सुरक्षाकर्मी पूर्व सैनिकों की तैनाती के बावजूद घटना होने से विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों की भूमिका सवालों के घेरे में है। गुरुवार को सीओ सैफई केपी सिंह और फारेंसिक टीम ने मानसिक रोग विभाग से साक्ष्य और नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि विभाग में ही भर्ती एक अन्य महिला मरीज ने घटना देखी और सभी को बताया था।
मामला पैरामेडिकल स्टाफ व विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में आने पर उसी समय संबंधित वार्ड में तैनात करीब 15 कर्मचारियों को हटाकर दूसरी जगह तैनात किया गया था। आंतरिक जांच में विश्वविद्यालय में सफाई का कार्य देख रही फर्म सन फैसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ के अधीन कार्यरत कर्मी रवींद्र कुमार की संलिप्तता मिली थी।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल परिसर में तैनात कर्मियों, उनके ड्यूटी चार्ट व अन्य साक्ष्यों को देखा जा रहा है। सभी का सत्यापन कराया जाएगा।

