हिंसक जानवरों का आतंक और नागरिकों की जान लेने का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। पहले बंदर कुत्ते गुलदार और अब सांड किस पर हमला कर उसकी जान ले ले पता नहीं चल पाता। इस संवेदनशील विषय पर अदालत द्वारा सरकारों को इसकी रोकथाम के निर्देश दिए गए हैं और घायलों की मदद और इन्हें पालने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। लेकिन जैसा अन्य मामलों में निर्णय आया और लोग उसे दो चार दिन में भूल गए ऐसा ही इस मामले में नजर आ रहा है। हिंसक जानवरों को रोकने वाले अफसर जेसा कि खबरों में आए दिन घटनाएं पढ़ने को मिल रही हैं लगता है कि वो असंवेदनशील हो गए है वरना कुत्ते बंदर गुलदार सांड लोगों की जान ना ले रहे होते। बीत दिन हस्तिनापुर की मनोहर कॉलोनी में छात्र शगुन को सांड ने उठाकर पटक दिया। मेरठ मेडिकल कॉलेज में उसका निधन हो गया। उसकी मां मीनू और पिता बालेश्वर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए बेटा तो गया ही मेडिकल कॉलेज तक लाने में उसे परेशानी हुई। कक्षा आठ का छात्र भविष्य में परिवार का पालनकर्ता बनने वाला था। घटना के बाद परिवार का रो रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में रोष है। लोग प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठा रहे हैं। नगर पंचायत की कार्यशैली पर जो गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं वो सही लगता है कि अदालत और सरकार के निर्देश के बावजूद आवारा जानवरों को काबू में रखने का काम क्यों नहीं हो रहा जो आम आदमी का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। मुझे लगता है कि छात्र की कमी पूरी नहीं हो सकती लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार उन्हें इतना मुजावजा जरुर दे कि परिवार अपना जीवन गुजार सके। मेरा डीएम से आग्रह है कि वह हर संभव मदद पीड़ित परिवार को दिलाएं। और जो अधिकारी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए जिससे उनकी लापरवाही के चलते ऐसी घटना आगे ना हो और लोगों को अपनी जान से हाथ ना धोना पड़े।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के उपमहाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या, मुख्यमंत्री जी दबंगों पर अगर अंकुश नहीं लगा तो अफसर कहीं भी काम ही नहीं कर पाएंगे
- हस्तिनापुर में सांड के हमले से शगुन की मौत, सरकार दे मुआवजा, डीएम साहब परिवार की स्थिति देखते हुए मदद कीजिए
- अच्छे काम में देरी क्यों! मान्यवर कांशीराम व वीर सावरकर को केंद्र सरकार दे भारत रत्न
- गजब कारनामा: जीवाजी यूनिवर्सिटी ने मृत प्रोफेसरों को सीनियरिटी लिस्ट में दी ‘पदोन्नति’
- गैस सिलेंडर के लिए लाइन में लगे दो बुजुर्गों ने दम तोड़ा
- पत्नी के शराब पीने से नाराज पति ने की हत्या, ससुर समेत तीन गिरफ्तार
- सरकार ने सोनम वांगचुक पर लगा एनएसए हटाया, जोधपुर जेल से 170 दिन बाद रिहा होंगे
- न्यायपालिका की जांच होनी चाहिये : प्रियंका
