Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • लैपटॉप या फोन से सीधे पेन ड्राइव खींचने से हो सकता है नुकसान
    • कांग्रेस में रहते हुए राहुलवादी तो होना पड़ेगा, मणिशंकर अय्यर जी मगर पवन खेड़ा के अनुसार आप तो पार्टी में ही नहीं है
    • नेताओं को सोचना होगा! सभी दलों के कार्यकर्ताओं को संघ से जोड़ने का प्रयास राजनीतिक दलों को कार्यकर्ता विहीन ना बना दे
    • शिक्षा विभाग दे ध्यान! राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और सीएम की बजाय, देशभक्तों और जमीन से उठकर शीर्ष तक पहुंचने वाले महापुरूषों के प्रेरणास्त्रोत प्रसंगों की बजाय पीसीएस के इंटरव्यू में नीले ड्रम के बारे में पूछना कहां तक उचित है
    • सुंदरवन में टाइगर का खौफ कम होगा, पहरा देगा स्मार्ट बिजूका
    • लाइव परफॉर्मेंस से दिल जीत गए दर्शन रावल
    • YouTube की ऐड ब्लॉकर्स के खिलाफ कार्रवाई, कमेंट्स को कर रहा है बंद
    • ‘द केरल स्टोरी 2’ सच्चाई की नई परतें खोलने के लिए तैयार
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से भेदभाव मामले में नौ सदस्यीय पीठ करेगा सुनावाई
    देश

    धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से भेदभाव मामले में नौ सदस्यीय पीठ करेगा सुनावाई

    adminBy adminFebruary 17, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली, 17 फरवरी। सुप्रीम कोर्ट की 9 न्यायाधीशों की बेंच 7 अप्रैल से धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के भेदभाव के मामलों पर सुनवाई शुरू करेगी। इस मामले में प्रमुख रूप से केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी पक्ष अपनी लिखित दलीलें 14 मार्च तक जमा करें। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन करते हैं। बेंच में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल हैं।
    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील परमेश्वर और शिवम सिंह को एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया है, ताकि न्यायालय को आवश्यक मार्गदर्शन और पक्षों की दलीलों का विश्लेषण प्रदान किया जा सके। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि सुनवाई 22 अप्रैल तक पूरी की जाएगी। सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन करने वाले पक्षों के लिए कृष्ण कुमार सिंह को नोडल काउंसल नियुक्त किया गया है, जबकि फैसले का विरोध करने वालों के लिए शश्वती परी को नोडल काउंसल बनाया गया।
    यह मुद्दा इसलिए फिर सामने आया है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट 2018 के फैसले से जुड़े रिव्यू और रिट याचिकाओं पर विचार करने वाला है। उस फैसले में हर उम्र की महिलाओं को भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। विपक्षी कांग्रेस का कहना है कि सरकार को अदालत में जाने से पहले जनता को अपना रुख साफ-साफ बताना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर अब तक असमंजस की स्थिति में है। 11 मई 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पांच-न्यायाधीशों की बेंच सीमित समीक्षा शक्तियों के तहत कानून के सवालों को बड़े बेंच को भेज सकती है। 2018 के सबरीमाला फैसले ने सभी उम्र की महिलाओं के मंदिर प्रवेश को अनुमति दी थी।सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 के दायरे पर सात प्रमुख सवाल भी तैयार किए हैं। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया कि धार्मिक समूह या संप्रदाय की प्रथाओं को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पीआईएल (जनहित याचिका) के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है या नहीं। सबरीमाला मामले के अलावा बेंच ने मस्जिदों और दरगाहों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश और पारसी महिलाओं के अगियारी (पवित्र अग्नि स्थल) में प्रवेश से जुड़े मुद्दों को भी बड़े बेंच के समक्ष भेजा है।

    A nine-member bench will hear the case of discrimination against women at religious places. Court Desh New Delhi tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    लैपटॉप या फोन से सीधे पेन ड्राइव खींचने से हो सकता है नुकसान

    February 17, 2026

    कांग्रेस में रहते हुए राहुलवादी तो होना पड़ेगा, मणिशंकर अय्यर जी मगर पवन खेड़ा के अनुसार आप तो पार्टी में ही नहीं है

    February 17, 2026

    नेताओं को सोचना होगा! सभी दलों के कार्यकर्ताओं को संघ से जोड़ने का प्रयास राजनीतिक दलों को कार्यकर्ता विहीन ना बना दे

    February 17, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.