कानपुर 12 फरवरी। उत्तर प्रदेश के कानपुर में लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार से हुए हादसे में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. शिवम, शहर के तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है. मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया था, जब हादसे से जुड़े CCTV फुटेज और डिजिटल सबूत सामने आए. कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि जांच और उपलब्ध CCTV फुटेज से यह स्पष्ट हो चुका है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था.
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि प्रारंभिक एफआईआर में उसका नाम शामिल नहीं था, लेकिन बाद में साक्ष्यों के आधार पर उसका नाम जोड़ा गया. कमिश्नर के अनुसार, पुलिस के पास दुर्घटना से पहले और बाद की गतिविधियों से जुड़े ठोस डिजिटल सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. वहीं, शिवम के पिता ने केके मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके बेटे ने कार नहीं चलाई थी और वह पुलिस की थ्योरी से सहमत नहीं हैं. इस बीच, शिवम के वकील ने कानपुर कोर्ट में जमानत और सरेंडर से संबंधित अर्जी दाखिल की है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने दावा किया था कि कार अत्यधिक रफ्तार में थी और चालक नियंत्रण खो बैठा था. दुर्घटना के तुरंत बाद सवाल उठने लगे थे कि कार चला कौन रहा था. शुरुआती चरण में परिवार और बचाव पक्ष की तरफ से दावा किया गया कि कार ड्राइवर मोहन चला रहा था. मोहन ने भी अदालत में पेशी के दौरान यही बयान दिया था.
लेकिन पुलिस की जांच इससे अलग दिशा में जाती हुई दिखाई दी। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की समीक्षा के बाद जांच टीम ने पाया कि दुर्घटना के समय कार की ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही मौजूद था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में साफ दिख रहा है कि दुर्घटना के बाद कार से बाहर निकलने वाला व्यक्ति शिवम जैसा ही नजर आता है.
पुलिस ने बीते तीन दिनों में घटना स्थल की मैपिंग, डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और गाड़ी के अंदर मिले फॉरेंसिक संकेतों को आधार बनाकर कार्रवाई तेज की. इसके बाद बुधवार को शिवम को हिरासत में लिया गया. अब अदालत में पेशी के दौरान पुलिस उसकी कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि दुर्घटना से जुड़े और पहलुओं की जांच की जा सक्. जैसे कि घटना से पहले क्या हुआ, कार किसके निर्देश पर चलाई गई और ड्राइवर मोहन के बयान में विरोधाभास क्यों पाए गए.

