गाजियाबाद 09 फरवरी। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के मोदीनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पूर्व सैनिक (रिटायर्ड) द्वारा अपनी पत्नी के साथ की गई मारपीट उसे काफी महंगी पड़ गई. दरअसल, पीड़ित पत्नी ने न केवल घरेलू हिंसा की शिकायत की, बल्कि पुलिस के सामने अपने पति के उन राजों का पर्दाफाश कर दिया, जिससे सुरक्षा एजेंसियां भी सन्न रह गईं. पुलिस की छापेमारी में पूर्व सैनिक के घर से सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रतिबंधित कारतूसों का जखीरा बरामद हुआ है.
जानकारी के मुताबिक, मामला मोदीनगर कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ी रोड स्थित राधाकुंज कॉलोनी का है. यहां रहने वाले रिटायर्ड फौजी आदेश कुमार और उनकी पत्नी कविता के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था. पीड़िता कविता का आरोप है कि उसका पति आदेश और ससुराल पक्ष के लोग उसके साथ अक्सर लाठी-डंडों से मारपीट करते थे. जब स्थानीय स्तर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो पीड़िता ने हार मानने के बजाय पुलिस के आला अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया.
पीड़िता कविता ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान उसके पति ने उस पर ही लाइसेंसी हथियार छिपाने का झूठा आरोप लगाया था. लेकिन जब कविता ने घर की अलमारी की तलाशी ली, तो उसे एक मोजे में छिपे हुए कई कारतूस मिले. कविता के अनुसार, उसने इंटरनेट पर सर्च किया तो पता चला कि ये गोलियां एसएलआर (SLR) राइफल की हैं. इसके बाद उसने अपनी पुरानी रेजिमेंट (बरेली) से संपर्क किया, जहाँ उसे स्थानीय पुलिस को सूचित करने की सलाह दी गई.
विवार सुबह मोदीनगर पुलिस ने जब आदेश के घर पर छापेमारी की, तो वहां से कुल 42 प्रतिबंधित कारतूस बरामद हुए. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बरामद सामान में 7.62 एमएम के 35 कारतूस (जो आमतौर पर SLR में प्रयुक्त होते हैं), 9 एमएम के 5 कारतूस, 12 एमएम के 2 कारतूस और 5.56 एमएम का एक खोखा बरामद किया गया है.
पुलिस को अंदेशा है कि आदेश कुमार ने सेना में अपनी ड्यूटी के दौरान ये कारतूस चोरी किए थे और रिटायरमेंट के बाद इन्हें अवैध रूप से घर में छिपाकर रखा था. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति अवैध हथियारों की सप्लाई में भी संलिप्त हो सकता है, क्योंकि उसने अपने एक भतीजे को भी हथियार देते हुए देखा था.
मोदीनगर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और बरामदगी के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. वर्तमान में आरोपी पूर्व सैनिक आदेश कुमार फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इन प्रतिबंधित कारतूसों को रखने का असली मकसद क्या था और क्या इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है.

