गाजियाबाद 09 फरवरी। लिवर की नकली दवा लिव 52 की आपूर्ति करने वाले पांच लोगों को मुरादनगर पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास 50 हजार लिव 52 की नकली टैबलेट बरामद हुई हैं। पिछले चार माह में आरोपितों ने अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, आगरा, मेरठ और शामली के मेडिकल स्टोरों पर 60 हजार टैबलेट बेची हैं।
यह टैबलेट बाजार में ग्राहकों को 20 प्रतिशत कम दाम पर मिल रही थी। आरोपित इस दवा काे पैसे देकर हरियाणा के सोनीपत की सुबको लेबोरेट्रीज से बनवा रहे थे। यह दवा लिवर को ठीक करने की बजाय सेहत को नुकसान पहुंचा रही थी।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मुरादनगर की आदर्श कलोनी के मुकेश कुमार की एनपी ट्रेडिंग द्वारा हिमालय वेलनेस ब्रांड की नकली दवाइयां तैयार कर बाजार में सप्लाई करने की थाने में शिकायत मिली थी। आरोपित फर्जी जीएसटी नंबर, फर्जी औषधि लाइसेंस और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बाजार में मेडिकल स्टोरों पर दवा की आपूर्ति कर रहे थे।
पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 340(2), 274, 276, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 18(क), 18 ख, 27 और कापीराइट एक्ट की धारा 65 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार को मुरादनगर पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों की पहचान मयंक अग्रवाल निवासी तिवड़ी रोड बाग कालोनी थाना मोदीनगर, अनुप गर्ग निवासी बंसाराम पार्क बिंदापुरम वेस्ट उत्तम नगर दिल्ली, तुषार ठाकुर निवासी सुभाष नगर घूकना नंदग्राम, आकाश ठाकुर निवासी दीवान फार्म हिंडन विहार और नितिन त्यागी निवासी निवाड़ी के रूप में हुई।
आरोपितों के पास 500 रैपर शीट लिव-52, 1200 हरे ढक्कन, 1200 सफेद प्लास्टिक डिब्बियां, 10 पारदर्शी पालिथीन में कुल 50 हजार डिव-52 टैबलेट और एक बैगनआर कार बरामद हुई है। आरोपित दवा की पैकेजिंग सामग्री मेरठ और टैबलेट सोनीपत में तैयार कराई जाती थी।
हिमालयन कंपनी के प्रतिनिधियों को फर्जी टेबलेट बाजार में बेचे जाने की अलीगढ़ से सूचना मिली थी। कंपनी के प्रतिनिधियों ने जानकारी मिली कि मुरादनगर से माल कोरियर द्वारा भेजा गया था। कोरियर करने वाले ने बताया कि फर्म जोनी निवासी जलालाबाद, थाना मुरादनगर के नाम ट्रेडिंग के लिए पंजीकृत कराई गई थी।
गिरफ्तार नितिन त्यागी को राजनीति संरक्षण मिल रहा था। गिरफ्तार होने के बाद पुलिस पर उसे छोड़ने का दबाव था। नितिन त्यागी का मोदीनगर में मेडिकल स्टोर है। उसकी जानकारी मयंक अग्रवाल हुई थी। मयंक एमआर में रहा है। अनूप गर्ग और आकाश ठाकुर इलेक्ट्रिशियन का काम का चुके हैं। ये दोनों काफी दिन से बेरोजगार थे।
वहीं तुषार गाजियाबाद के नामी मेडिकल कालेज से पैरामेडिकल की पढाई कर रहा है। तुषार की दवा बनवाने में अहम भूमिका रही है। माल तैयार होने के बाद उनको कोरियर कराने की जिम्मेदारी आकाश की थी।
मुरादनगर के जलालाबाद गांव के जोनी सिंह और फरमान की भूमिका अहम है। फरमान जीएसटी की फर्जी बिलिंग तैयार करता था। एनपी ट्रेडिंग कंपनी का मालिक मुकेश कुमार है। एनपी ट्रेडिंग कंपनी के खातों में ही बेचे गई दवा का पैसा आता था। पुलिस इन तीनों की तलाश में जुटी है।

