फरह (मथुरा) 06 फरवरी। ओल चौकी प्रभारी व सिपाही से मिलकर फरह के हिस्ट्रीशीटर प्रधान ने आगरा के एक किसान को हनीट्रैप में फंसाया। फरह बुलाकर उसे महिला के साथ एक कमरे में ठहराया और वीडियो बना लिए। इसके बाद ओल चौकी प्रभारी व सिपाही ने किसान को चौकी में घंटों बैठाया। फिर एक लाख रुपये लेकर छोड़ दिया।
दूसरे दिन चार लाख मांगी, न देने पर कहा कि कार दे जाओ, चार लाख देना तो ले जाना। किसान ने मामले की जानकारी एसएसपी को दी। एसएसपी ने चौकी प्रभारी व सिपाही को निलंबित कर दिया। चारों के खिलाफ फरह थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की भनक लगते ही आरोपित फरार हो गए। पुलिस की दो टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
महिला तीन साल के किसान के संपर्क में थी। पहले भी उससे कई बार में 12 लाख रुपये वसूल चुकी है। आगरा के थाना जगदीशपुरा के अंगूठी निवासी 70 वर्षीय जगदीश सिंह पेशे से किसान हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व उनकी भूमि का रेल विकास निगम ने अधिग्रहण किया था। इसके एवज में उनको 3.15 करोड़ रुपये मुआवजा मिला।
मुआवजे की जानकारी सपना उर्फ राजबाला, उसके सहयोगी श्याम जाट निवासी औरंगाबाद मथुरा को हो गई। राजबाला किसान के संपर्क में आ गई। फिर श्याम के साथ मिलकर अक्सर उससे पैसे लेती रही और करीब 12 लाख रुपये वसूल लिए। किसान से पैसे मिल सकते हैं दोनों ने इसकी जानकारी ग्राम पंचायत ओल के हिस्ट्रीशीटर प्रधान खूबीराम को दी।
प्रधान ने ओल चौकी प्रभारी के साथ मिलकर किसान को हनी ट्रैप में फंसाने का षड्यंत्र रचकर दिया। प्रधान ने गांव ओल में एक कमरा लिया। पीड़ित किसान ने बताया कि 31 जनवरी को सपना ने उसे फोन किया और अपने पास बुलाकर ओल ले गई, यहां खूबीराम प्रधान मिला।
वह उनको मकान के ऊपर ले गया और बताया कि यह कमरा 800 रुपये में लिया है। थोड़ी देर बाद कमरे में ओल चौकी प्रभारी कपिल कुमार और मुख्य आरक्षी चालक राकेश आ गए। दोनों ने किसान को पकड़ लिया और चौकी ले गए और शाम पांच बजे तक बंधक बनाकर रखा।
हिस्ट्रीशीटर प्रधान और पुलिसकर्मियों ने उसे दुष्कर्म के मामले में जेल भेजने की धमकी दी। बचने के लिए पांच लाख रुपये देने को कहा। पीड़ित ने बताया कि परेशान होकर उसने प्रधान और दो पुलिसकर्मियों को एक लाख रुपये दे दिए। पुलिसकर्मी और प्रधान ने बाकी चार लाख रुपये चुकाने के एवज में उनकी कार को चौकी में खड़ा करा लिया।
दूसरे दिन रुपये देने के बाद कार ले जाने की बात कही। पीड़ित ने मामले की जानकारी एसएसपी श्लोक कुमार को दी। एसएसपी ने फरह थाने में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर चौकी प्रभारी और सिपाही को निलंबित कर दिया है। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने पर चारों फरार हो गए। फरह थाना प्रभारी छोटे लाल ने बताया कि पुलिस की चार टीमें तलाश में जुटी हैं।
उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने पर आरोपित दारोगा तीन दिन की छुट्टी लगाकर घर चला गया। उसने फोन बंद कर लिया है। वहीं सिपाही बिन बताए चौकी से फरार हो गया है।
ओल चौकी में बैठकर खाकी को शर्मसार करने वाला आरोपित दारोगा कपिल कुमार 2015 बैच का है। मेरठ जिले के थाना किठोर के गांव नवलपुर सूरजपुर का निवासी है।
पिछले वर्ष जुलाई में फरह थाने की ओल चौकी में प्रभारी के रूप में तैनात हुआ था। वहीं राकेश यादव थाना फरह की ओल चौकी की सरकारी गाड़ी पर चालक है। वह करीब तीन माह पूर्व ही ओल चौकी पर तैनात हुआ था।

