नई दिल्ली 06 फरवरी। चेक बाउंस मामले में कोर्ट की फटकार के बाद गुरुवार शाम 4 बजे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिन में अभिनेता को आत्मसमर्पण करने के निर्देश वापस लेने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने दिन में कड़ी नाराजगी जताते हुए यादव को तुरंत आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि अदालत के आदेशों के बावजूद 4 फरवरी को आत्मसमर्पण करने में उनकी नाकामी कानून के प्रति कम सम्मान दिखाती है। यादव के अधिवक्ता ने पीठ से दया की अपील की। इस पर पीठ ने कहा कि अदालत से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह किसी भी व्यक्ति के लिए सिर्फ इसलिए खास हालात दिखाए क्योंकि वह व्यक्ति किसी खास बैकग्राउंड या इंडस्ट्री से ताल्लुक रखता है। इसके बाद अभिनेता शाम 4 बजे तिहाड़ जेल पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उन्हें जेल नम्बर सात में भेज दिया गया। जेल प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई पूरी कर राजपाल को कैदियों को मिलने वाला जरूरी सामान देकर उन्हें सेल में शिफ्ट कर दिया।
राजपाल ने 25 लाख रुपये का चेक लेकर अदालत में पेशी के दौरान कहा कि वे बाकी पैसा भी चुका देंगे और राहत की अपील की थी. लेकिन हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पहले आप सरेंडर कीजिए, उसके बाद कोर्ट मेरिट के आधार पर आपकी याचिका पर विचार करेगा. इस निर्देश के बाद राजपाल यादव ने खुद तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. कोर्ट ने कहा कि कानून का सम्मान न करने वाले लोगों को राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए और कानून का पालन करना ही सर्वाेपरि है, न कि उस कानून की अवमानना करना.
बता दें कि यह मामला सन 2010 का है जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापताश् के लिए मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से 5 करोड़ रुपये की राशि लोन के रूप में ली थी. कंपनी को दिया गया यह कर्ज समय पर वापस नहीं किया गया. राजपाल ने कई बार पैसे लौटाने के नाम पर चेक जारी किए, लेकिन वे सब बाउंस हो गए. जिसके बाद कंपनी ने उन पर चेक बाउंस का केस दर्ज करा दिया.

