नोएडा 06 फरवरी। सुपरटेक के ट्विन टावर मामले में जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। इसमें नोएडा में तैनात रहे 11 अधिकारियों को दोषी माना गया है। शासन को अब आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेना है। अधिकारियों में से सात सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
ये तत्कालीन दोषी
मुकेश गोयल, तत्कालीन प्रबंधक नियोजन, रितुराज व्यास, व. प्रबंधक नियोजन, विमला सिंह, सहयुक्त नगर नियोजक ,अनीता, प्लानिंग असिस्टेंट, एके मिश्रा, नगर नियोजक (जून 2021 को सेवानिवृत्त), राजेश कुमार, विधि सलाहकार (मार्च 2020 को सेवानिवृत्त), ज्ञानचंद, विधि अधिकारी (मार्च 2020 को सेवानिवृत्त), एम.सी त्यागी, परियोजना अभियंता (सितंबर 2018 को सेवानवृत्त), प्रवीन श्रीवास्तव, सहायक वास्तुविद (सेवानिवृत्त जुलाई 2020), बाबूराम, परियोजना अभियंता, टीएन पटेल, प्लानिंग असिस्टेंट आदि हैं।
यूपी सरकार ने सितंबर 2021 में उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचा एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति बनाई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 26 अधिकारियों और कर्मचारियों, सुपरटेक लिमिटेड के निदेशकों और उनके आर्किटेक्ट के खिलाफ 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में केस दर्ज किया गया। इस प्रकरण में जिन 26 अधिकारियों पर आरोप हैं, उनमें से 20 रिटायर्ड और दो की मौत हो चुकी है। वहीं, इस मामले में चार अधिकारियों को सरकार निलंबित कर दिया था।
सरकार ने नामजद 11 अधिकारियों की जांच का जिम्मा ग्रेटर नोएडा के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव को सौंपा था। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में सरकार के स्तर से दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
सरकार ने सौंपी थी जांच
28 अगस्त 2022 को ट्विन टावर ध्वस्त होने के बाद जांच की प्रक्रिया तेज की गई थी। मामले में सरकार ने नोएडा के 11 अधिकारियों की जांच का जिम्मा एसीईओ प्रवीण मिश्रा को सौंपा था। प्रवीण मिश्रा का 30 सितंबर 2022 को ट्रांसफर हो गया। इसके बाद से जांच रुक गई। इस पर नोएडा की ओर से छह माह में तीन बार सरकार को पत्र भेजा गया। इसके बाद ग्रेटर नोएडा के ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव को 23 मार्च 2023 को जांच की जिम्मेदारी दी गई। सौम्य श्रीवास्तव ने इसके बाद जांच शुरू की।
साथ ही, ट्विन टावर प्रकरण में आरोपी रहे नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ मोहिंदर सिंह, एस के द्विवेदी और एसीईओ आरपी अरोड़ा और ओएसडी यशपाल सिंह आदि से भी पूछताछ हुई। एसीईओ की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के साथ ही विजिलेंस टीम के भी सक्रिय होने की बात सामने आ रही है। मंगलवार को विजिलेंस टीम ने नोएडा दफ्तर पहुंच कर जांच की है।

