श्रीगंगानगर 05 फरवरी। शादी के बाद सात फेरे, साथ जीने-मरने की कसमें और फिर महज तीन महीने में पति का सड़क पर खून से सना शव मिला। इस सनसनीखेज घटना के पीछे उसी शख्स की दुल्हन थी। जिस पत्नी के हाथों में मेहंदी की लकीरें भी नहीं मिटी थीं, उसी ने अपने पति को मौत के घाट उतरवाने की साजिश रच डाली। रिश्तों को तार-तार करने वाली इस चौंकाने वाली वारदात का अब राजस्थान पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
यह क्राइम राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में हुआ। यहां नवविवाहिता ने अपने कथित प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआत में इस वारदात को सड़क हादसा बताने की कोशिश की गई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरा मामला हत्या का निकला।
31 जनवरी को मृतक आशीष कुमार के भाई ने थाने में सूचना दी थी कि 30 जनवरी की रात आशीष अपनी पत्नी अंजू के साथ टहलने निकला था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल की स्थिति ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन ने बताया कि घटनास्थल पर किसी वाहन की टक्कर के स्पष्ट निशान नहीं मिले। इसके अलावा पूछताछ के दौरान अंजू के बयान बार-बार बदलते रहे। कभी वह बेहोश होने की बात कहती, तो कभी लूट की कहानी सामने रखती। उसने यह भी दावा किया कि हादसे के बाद अज्ञात लोग उसके गहने लूटकर ले गए, लेकिन यह बात भी तथ्यों से मेल नहीं खा रही थी।
मृतक आशीष कुमार का पोस्टमार्टम कराए जाने पर शरीर पर कई चोटों के निशान मिले। रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने के संकेत सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानते हुए गहन जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि आशीष और अंजू की शादी करीब तीन महीने पहले हुई थी। पुलिस का कहना है कि अंजू इस विवाह से खुश नहीं थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद वह सादुलशहर स्थित अपने मायके चली गई थी। वहां उसने अपने पुराने परिचित संजय उर्फ संजू से दोबारा संपर्क किया और आशीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, अंजू बाद में ससुराल लौट आई और फिर से आशीष के साथ रहने लगी। उसे पता था कि आशीष रोजाना रात के खाने के बाद टहलने जाता है, इसलिए वह जानबूझकर उसके साथ जाने लगी। 31 जनवरी की रात उसने संजय से संपर्क कर योजना को अंतिम रूप दिया। तय योजना के तहत संजय अपने दो साथियों रोहित और बादल के साथ मौके पर पहुंचा और झाड़ियों में छिप गया।
पुलिस का आरोप है कि अंजू आशीष को बातचीत में उलझाते हुए एक सुनसान रास्ते पर ले गई और इशारा मिलते ही आरोपियों ने उस पर डंडों से हमला कर दिया। आशीष के बेहोश होने के बाद आरोपियों ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, अंजू ने आरोपियों को आशीष का मोबाइल फोन और अपने पहने हुए कानों के झुमके भी सौंप दिए, ताकि मामला लूट और सड़क हादसे जैसा लगे। इसके बाद उसने ससुराल वालों को फोन कर सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना दी। फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।

