ललितपुर 04 फरवरी। ललितपुर में छेड़खानी से परेशान 100 से ज्यादा महिलाओं ने शराब की दो दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की। महिलाओं ने पहले रोड जाम कर प्रदर्शन किया। फिर ताला तोड़कर दुकानों के अंदर घुसीं और जमकर तोड़फोड़ की। लाखों की शराब सड़क पर फेंक दी। इसके बाद महिलाएं 2 गुट में बंट गईं। एक गुट शराब की पोटियां को रोड़ पर फेंकता। जबकि दूसरा गुट बोतलों को लाठी मारकर फोड़ता। रोड़ पर पानी की तरह शराब बहने लगी। करीब एक घंटे तक बवाल चलता रहा। दुकान में 2000 रुपये तक की शराब रखी थी। अब कुछ नहीं बचा है। महिलाओं ने करीब 15 लाख रुपए का नुकसान किया है।
सूचना मिलते ही कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे, लेकिन महिलाओं को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सके। हंगामे के दौरान सड़क पर जाम लग गया। जब महिलाओं ने शराब की दोनों दुकान खाली कर दीं, तब वापस अपने गांव लौट गईं। इस दौरान करीब एक घंटे तक 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।
5 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक हालात सामान्य हो चुके थे। सड़क पर फैली शराब की बोतलों को हटवाकर जाम खुलवाया गया। मामला मंगलवार दोपहर का महरौनी-ललितपुर रोड के गांव खितवांस का है।
अप्रैल 2025 में खितवांस गांव में आबादी के पास शराब की कंपोजिट शॉप खुली थी। इसके पास में ही देशी शराब की दुकान भी है। दोनों दुकानों का एक ही मालिक है। महिलाओं का आरोप है कि जबसे यहां शराब की दुकान खुली है, तबसे सड़क से निकलना दूभर हो गया है।
शराबी लोग महिलाओं और बेटियों पर कमेंट करते हैं। गांव के नई उम्र के बच्चे भी बिगड़ रहे हैं। सड़क पर अक्सर शराबी नशे में हंगामा करते हैं। लंबे समय से इसका विरोध कर रहे थे।
मंगलवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे करीब 110 महिलाएं शराब की दुकान बंद कराने की मांग को लेकर दुकान के सामने प्रदर्शन करने लगीं। कंपोजिट दुकान के सेल्समैन हितेंद्र कुमार ने हंगामा देख शटर गिराया और ताला लगाकर मौके से भाग गया। उसने पुलिस को सूचना दे दी।
इस बीच महिलाएं दोनों दुकानों में पहुंचीं और ताला तोड़कर अंदर घुस गईं। देशी, अंग्रेजी शराब और बीयर की केनों की पेटियां उठाकर सड़क पर फेंकने लगीं। कुछ महिलाएं उन्हें तोड़ने लगीं। हंगामा और तोड़फोड़ की सूचना पर 2 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। लेकिन उग्र महिलाओं को देख उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सके। दोनों पुलिसकर्मियों के सामने महिलाएं तोड़फोड़ करती रहीं। इस दौरान महरौनी-ललितपुर मार्ग पर जाम लग गया। महिलाओं ने मांग की कि इन दुकानों को गांव से हटाया जाए। अगर दोबारा दुकान लगी तो फिर से तोड़फोड़ होगी।

